मल्लिका शेरावत क्यों हो गईं पिंजरे में कैद?

कान फिल्म फेस्टिवल में हर तरफ अभी बॉलीवुड ने सुर्खियां बटोर रखी हैं। एक तरफ जहां बॉलीवुड दीवाज़ अपनी प्रेज़ेंस और ड्रेसिंग से सभी को अपना दीवाना बना रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बॉलीवुड फिल्म 'मंटो' ने भी वहां धूम मचाई हुई है। इसके अलावा एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत ने भी वहां सुर्खियां बटोरी। 
 
मल्लिका शेरावत की रेड कार्पेट पर मौजुदगी से सभी बहुत खुश नज़र आए। इसके अलावा मल्लिका ने एक एनजीओ के कैंपेन के लिए भी फोटो शूट करवाए। मल्लिका इंटरनेशनल एनजीओ 'फ्री ए गर्ल इंडिया' की ब्रांड एंबेसडर हैं, जो कि मानव तस्करी और बच्चों के कमर्शियल यौन शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं। इसके लिए मल्लिका ने कान फिल्म फेस्टिवल में बाल वेश्यावृत्ति के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए यहां भाग लिया। 
 
इस एनजीओ के तहत 'लॉक-मी-अप' कैंपेन शुरू किया गया। इसका हिस्सा बन मल्लिका ने इसे बढ़ावा दिया। इसके लिए उन्होंने कान में 12×8  फीट के एक छोटे से पिंजरे में खुद को बंद कर ग्लोबल लेवल पर सभी का ध्यान इस तरफ आकर्षित किया। मल्लिका ने पिछले वर्ष भी एनजीओ  के लिए कान में प्रतिनिधित्व किया था। 
 
 
मल्लिका ने इस बारे में कहा कि यह कान में मेरा नौवां वर्ष है और यह फेस्टिवल सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में बाल वेश्यावृत्ति के  मुद्दे को उठाने के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। खुद को पिंजरे में बंद कर मैं इस बात की कल्पना करना चाहती थी कि कैसे युवा लड़कियों को  तस्करी में ले जाया जाता है। इन निर्दोष पीड़ितों को बिना किसी परेशानी के खुलकर जीने का पूरा अधिकार है। इसलिए मैंने अपनी तरफ से इस  बारे में छोटा कदम उठाने का सोचा और इस मुद्दे के बारे में जागरूकता के लिए अपनी आवाज़ उठाने के बारे में सोचा। 
 
 
इसके अलावा मल्लिका शेरावत एनजीओ 'स्कूल फॉर जस्टिस' और 'ऊर्जा' से भी ब्रांड एंबेसडर के तौर पर जुड़ी हुई हैं। 

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