दिल्ली में Lockdown नहीं, व्यस्त इलाकों में लगेंगी पाबंदियां

बुधवार, 18 नवंबर 2020 (13:10 IST)
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोरोनावायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है यहां लॉकडाउन (Lockdown) नहीं लगेगा, लेकिन व्यस्त इलाकों में पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। दिल्ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने लॉकडाउन से इंकार किया है।
 
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है राजधानी दिल्ली में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि कुछ व्यस्त इलाकों में स्थानीय स्तर पर पाबंदियां लगाई जाएंगी।
 
जैन ने कहा कि छठ पूजा के दौरान काफी भीड़ होगी और ऐसे में संक्रमण फैल सकता है। इसलिए पाबंदियों की जरूरत तो है, लेकिन लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। दरअसल, जैन का बयान उस संदर्भ में आया है, जिसमें मुख्‍यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने प्रस्ताव भेजकर केन्द्र सरकार से उन बाजार क्षेत्रों में लॉकडाउन लगाने का अधिकार मांगा था जो कि कोरोना के हॉटस्पॉट बन सकते हैं।

सिसोदिया ने कहा- लॉकडाउन समाधान नहीं : दूसरी ओर, दिल्ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी ट्‍वीट कर कहा है कि दिल्ली सरकार का लॉकडाउन का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लॉकडाउन समाधान नहीं है। चिकित्सा प्रणाली को अच्छी तरह से प्रबंधित करके ही इस महामारी से लड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस दिशा में काम कर रही है।
 

Delhi govt has no intentions of imposing a lockdown. We believe lockdown is not a solution in the fight against #COVID19. Solution is -better hospital management and better medical systems. Delhi govt has managed the medical system well & will do it in future too: Delhi Deputy CM pic.twitter.com/sVA8DyKV5y

— ANI (@ANI) November 18, 2020
16 दिन में एक लाख : उल्लेखनीय है कि दिल्ली में एक नवंबर से 16 नवंबर के बीच कोरोनावायरस (Coronavirus) के एक लाख से अधिक नए मामले दर्ज किए गए और करीब 1200 संक्रमितों की मृत्यु हो गई, वहीं करीब 94 हजार रोगी इस अवधि में संक्रमण से उबरने में सफल रहे। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
 
राष्ट्रीय राजधानी में 28 अक्टूबर से कोरोना वायरस के मामलों में अचानक से इजाफा देखा गया है। उस दिन पहली बार संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या 5000 से अधिक हो गई और 11 नवंबर को रोजाना के मामलों की संख्या 8000 के पार चली गई।

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