आप पार्टी के विधायक धर्मेन्द्र कोली के खिलाफ एफआईआर

मंगलवार, 10 दिसंबर 2013 (00:05 IST)
FILE
नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी अभी पूरी तरह जीत का जश्न भी नहीं मना पाई थी कि उसके जीते हुए विधायक धर्मेन्द्र कोली के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई। यह एफआईआर सीमापुरी थाने में दर्ज की गई है, जिसमें उन पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने कहा कि वह आरोपों की जांच करेगी और जांच सही पाई गई तो विधायक को गिरफ्तार किया जाएगा।

आप पार्टी के विजयी जु‍लूस के दौरान धर्मेन्द्र कोली ने छेड़छाड़ की थी, इसी आरोप के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया है। पूर्व विधायक ने कोली पर घर में घुसकर बदसलूकी और छेड़खानी का आरोप लगाया है। कोली पर छेड़छाड़ के अलावा अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं। यही नहीं पूर्व विधायक ने कोली के समर्थकों पर भी आरोप लगाए हैं। सीमापुरी थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद कोली के समर्थकों ने थाने के बाहर हंगामा किया।

मजेदार बात यह है कि जिस सीमापुरी क्षेत्र से धर्मेन्द्र कोली को जनता ने विधायक चुना है, उसी क्षेत्र के थाने में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पता चला है कि यह घटना सोमवार की दोपहर 3 बजे की है, जब सीमापुरी इलाके में धर्मेन्द्र कोली का विजयी जुलूस निकाला जा रहा था। इस जुलूस के दौरान पूर्व विधायक के समर्थक आमने सामने आ गए और विवाद बढ़ गया।

पूर्व विधायक वीरसिंह ने यहां तक आरोप लगाया है कि कोली के समर्थकों ने घर में बने मंदिर के पास शराब की बोतलें फोड़ी, घर में पटाखों की लड़ फेंकीं। उधर आप पार्टी ने अपने विधायक पर केस दर्ज करने के मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह सब फर्जी है। आप पार्टी ने इसे साजिश का हिस्सा करार दिया है।

धर्मेन्द्र कोली की सफाई : मुकदमा दर्ज होने के बाद धर्मेन्द्र कोली ने अपनी सफाई में कहा कि केस दर्ज होने की खबर मुझे टीवी चैनलों के माध्यम से ही मिली है। सही बात यह है कि 15 सालों से वीरसिंह सीमापुरी इलाके से विधायक बनते हुए आए हैं लेकिन उन्हें जब मैंने 11 हजार से ज्यादा मतों से हरा दिया तो वह अपनी हार से बौखलाए हुए हैं और मुझ पर इस तरह के फर्जी आरोप लगा रहे हैं।

कोली ने कहा कि यह सही है कि मेरा दोपहर में विजयी जुलूस निकल रहा था, जिसमें करीब ढाई हजार लोग शामिल थे। मैं खुली जीप में बैठा हुआ था और जीप में ही मुझे मालाएं पहनाई जा रही थीं। मै जीप से उतरा भी नहीं। फिर कैसे यह हो सकता है कि मैं पूर्व विधायक के घर में गया? उन्होंने कहा कि मुझ पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है।

आरटीआई कार्यकर्ता संतोष कोली की हत्या के बाद धर्मेन्द्र कोली को विधानसभा चुनाव में सहानुभूति मिली थी और वे आप पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज करने में भी सफल रहे लेकिन सोमवार को दर्ज एफआईआर ने धर्मेन्द्र के लिए नई परेशानी खड़ी कर दी है।

यह बात भी तय है कि जैसे जैसे समय बीतेगा, आप पार्टी के जीते विधायकों के खिलाफ पुरानी फाइलों से धूल झाड़ी जाएगी और यही जुगत लगाई जाएगी कि कैसे उन्हें कानूनी दांवपेच में उलझाया जाए। (वेबदुनिया न्यूज)

वेबदुनिया पर पढ़ें