ध्यान की शक्ति का लाभ

भागती दौड़ती और चिंता से ग्रस्त जिंदगी में हमारे मस्तिष्क की क्षमता कमजोर होती जाती है जिसके कारण शरीर सहित आत्मविश्वास भी कमजोर हो जाता है। तेज रफ्तार से दौड़ती दुनिया में ज्यादातर लोग रफ्तार के दबाव से टूट जाते हैं और तनाव, चिंता, अवसाद आदि के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में ध्यान की शक्ति से मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाकर खुद को शक्तिशाली बनाए रखा जा सकता है। 
 
सावधानी : ध्‍यान की शक्ति को बढ़ाने के लिए शाकाहारी होना आवश्यक है। शाकाहार में भी मिर्च, मसाला, बेसन, खट्टे पदार्थ और यहां तक कि दूध और घी का प्रयोग भी वर्जित है। यह शाकाहार सिर्फ खाने-पीने में ही नहीं, पहनने, ओढ़ने में भी होना चाहिए। अर्थात ऊन, सिल्क, फर व चमड़े की बनी कोई वस्तु या वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए।
 
कैसे प्राप्त करें ध्यान की शक्ति : किसी भी सुखासन में बैठकर प्रतिदिन सुबह, शाम और रात सोते वक्त 15 मिनट का ध्यान करें। इसकी शुरुआत में मध्यम स्वर में तीन बार ॐ का उच्चारण करते हुए आंखें बंद कर लें। ध्यान के मध्य में श्वासों के आवगम को गहराएं। ध्यान के अंत में हाथों की हथेलियों से चेहरे को स्पर्श करते हुए आंखें खोल दें। फिर ध्यान के बाद 26 बार पलकें झपकाएं। अंत में ब्रह्म मुद्रा करने के बाद ध्यान का समापन करे दें।
 
विशेष : 40 दिनों तक ध्यान करते रहने के बाद ध्यान ‍की शक्ति का अहसास होना शुरू हो जाता है। व्यक्ति स्वयं को ऊर्जावान और हमेशा तरोताजा महसूस करता है। मस्तिष्क अच्छे तरीके से सक्रिय होकर सकारात्मक सोच का निर्माण करता है। ध्यान की शक्ति को सम्भालना जरूरी है अन्यथा कई लोग नियम और परहेज छोड़कर भी ध्यान करते हैं जिसका लाभ कम ही मिल पाता है।
 
ध्यान की शक्ति का लाभ :
*मस्तिष्क की शक्ति को ध्यान की सहायता से कई गुना बढ़ाया जा सकता है और जीवन के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
*ध्यान से तनाव ही नहीं, पीठ का दर्द, लकवा, मांसपेशियों में खिंचाव, मधुमेह व अस्थमा जैसे रोगों का उपचार भी संभव है।
*याददाश्त बढ़ाने, मन-मस्तिष्क को एकाग्र करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और आज के प्रतिस्पर्द्धी वातावरण के दबावों का सामना करने के लिए ध्यान की शक्ति महत्वपूर्ण सिद्ध होती है।
 
- अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'

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