Diwali rangoli: दिवाली पर कहां कौन सी रंगोली बनाएं?

diwali rangoli design: हिंदू धर्म में त्योहार पर रंगोली बनाने की परंपरा है। दिवाली पर मांडना या रंगोली बनाए जाने का प्रचलन है। भारत के हर राज्य में भिन्न भिन्न तरीकों और आकृतियों में मांडना बनाए जाते हैं परंतु रंगोली में एक तरह की समानता ही होती है। आओ जानते हैं कि घर के किस स्थान पर कैसी रंगोली बनाई जाती है।
 
रंगोली : वर्तमान में रंगोली का प्रचलन सबसे अधिक है। रंगोली सूखे रंगों से बनाई जाती है। रंगों की सहायता से, कई लयबद्ध बिंदुओं को मिलाते हुए रंगोली की कई सुंदर-सुंदर आकृतियां बनाई जाती हैं, जो बेहद आसान और आकर्षक होती है। यह तरीका आसान होने के कारण युवतियों के साथ ही छोटी बालिकाएं भी आसानी से रंगोली को आकार दे सकती हैं। इसके बाद इसमें अपने अनुसार रंग भरकर इसे और भी आकर्षक बनाया जाता है। तब तैयार होती है, खूबसूरत रंगोली।
 
रंगोली की आकृतियां : 
कहां कौनसी रंगोली बनाएं :
  1. द्वार के बाहर मोर, फूल, सूरजमुखी का फूल, पंखुड़ियों आदि की रंगोली बना सकते हैं।
  2. पूजा स्थल पर श्री, स्वास्तिक, ॐ और शुभ पद चिन्ह, गोल तारा, श्री यंत्र या ज्यामिती की आकृतियां आदि बनाते हैं।
  3. गैलरी, देहली पर बेलबूटे, दीपक, फूल तितलियां आदि बना सकते हैं।
  4. आंगन में चौक, चौपड़, संजा, श्रवण कुमार, नागों का जोड़ा, डमरू, जलेबी, फेणी, चंग, मेहंदी, केल, बहू पसारो, बेल, दसेरो, सातिया (स्वस्तिक), पगल्या, शकरपारा, सूरज, केरी, पान, कुंड, बीजणी (पंखे), पंच कारेल, चंवर छत्र, दीपक, हटड़ी, रथ, बैलगाड़ी, मोर, फूल व अन्य पशु-पक्षी आदि बनाए जाते हैं।
मांडना :

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