गुजरात, हिमाचल के नतीजों पर पूरे देश की नजर

रविवार, 17 दिसंबर 2017 (18:03 IST)
नई दिल्ली। गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनाव के सोमवार को आने वाले नतीजों पर पूरे देश की निगाहें लगी हुई हैं और इन नतीजों से भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर लगा हुई है।
 
चुनाव आयोग ने सोमवार सुबह इन दोनों राज्यों में होने वाली मतगणना के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी कर लिए हैं। गुजरात विधानसभा की 182 और हिमाचल की 68 सीटों के लिए चुनाव संपन्न होने के बाद उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है।
 
गुजरात का चुनाव इस बार विशेष महत्व रखता है और इससे भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस की भावी राजनीति भी प्रभावित होगी इसलिए इसकी मतगणना पर लोगों की विशेष निगाह लगी है। चुनाव आयोग ने राज्य में 37 स्थानों पर मतगणना की व्यवस्था की है जबकि हिमाचल में 42 स्थानों पर मतगणना के प्रबंध किए गए हैं। इन सभी स्थानों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी अभी से तैनात कर दिए गए हैं और स्ट्रांग रूम में सीलबंद ईवीएम और वीवीपेट मशीनों पर कड़ा पहरा है।
 
मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे शुरू हो जाएगी और 11-12 बजे तक स्पष्ट रुझान मिलने लगेंगे। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों को कहा गया है कि चुनाव नतीजे आने के बाद वे अपने कार्यकर्ताओं को संयमित रहने की सलाह दें। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के लिए चुनाव के नतीजे काफी संवेदनशील मुद्दा बन गया है और आशंका है कि वे अशांति भी पैदा कर सकते हैं। इस दृष्टि से सुरक्षाकर्मियों को विशेष हिदायत दी गई है और उन्हें अभी से सतर्क कर दिया गया है।
 
गुजरात का चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न रहा और दोनों ने इस राज्य में जमकर चुनाव प्रचार किया। दोनों ने एक- दूसरे पर जमकर हमले भी किए तथा चुनावी जनसभाओं से मतदाताओं को लुभाने और भरमाने के भी प्रयास किए।
 
चुनाव आयोग सूत्रों का कहना है कि मतगणना स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम इसलिए भी किए गए हैं कि किसी तरह की बाधा न पहुंचे और आयोग पर किसी तरह की कोई उंगली न उठे। आयोग ने इस पूरे चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन किया ताकि उस की तटस्थता पर प्रश्नचिन्ह न उठे। वह बिना किसी पूर्वाग्रह के मतगणना की प्रक्रिया संपन्न करने की व्यवस्था करेगी।
 
गुजरात में चुनाव के दौरान दोनों दलों ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की। कांग्रेस ने आयोग पर पूर्वाग्रह से प्रेरित होने का भी आरोप लगाया।
 
गुजरात में भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, प्रदेश अध्यक्ष जीतू वघानी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, सूचना व प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी के अलावा उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आदि ने चुनाव प्रचार किया।
 
कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, अहमद पटेल, जिग्नेश मेवानी, अल्पेश ठाकोर, सिद्धार्थ पटेल, शक्ति सिंह गोहिल, अर्जुन मोधवादिया आदि ने चुनाव प्रचार किया। पाटीदार आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल ने भी कई चुनावी सभाएं कीं और उन्होंने बड़ी संख्या में मतदाताओं को संबोधित किया।
 
हिमाचल में 9 नवंबर को हुए मतदान के लिए भाजपा की ओर से मोदी के अलावा अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार आदि ने जमकर चुनाव प्रचार किया जबकि कांगेस की ओर से राहुल गांधी, आनंद शर्मा, वीरभद्र सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू आदि ने धुआंधार प्रचार किया।
 
इन दोनों राज्यों में मतदान के बाद एग्जिट पोल में भाजपा को काफी बढ़त मिलने के संकेत से भाजपा कैम्प में उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल है जबकि कांग्रेस में थोड़ी मायूसी। लेकिन कांग्रेस ने एग्जिट पोल के नतीजों को नकारते हुए आपनी जीत का दावा किया है।
 
दोनों पार्टियों के नेता, कार्यकर्ता और शुभचिंतक एवं समर्थक सोमवार सुबह का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और पूरा देश 8 बजे से टीवी सेट तथा रेडियो और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर नजर गड़ाए रखेगा। (वार्ता)

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