सूरत में पकड़े गए नकली नोट घोटाले के मुख्य सरगना प्रदीप गुरुजी की जांच में अब राजकोट का कनेक्शन सामने आया है। जांच में पता चला है कि प्रदीप गुरुजी पहले राजकोट में 'सत्यम योग एंड हेल्थ सेंटर' के नाम से योग क्लास चलाते थे। पुलिस के अनुसार, कोरोना काल से पहले वे पांच साल तक राजकोट में सक्रिय थे और बाद में सूरत शिफ्ट हो गए थे। वर्तमान में उनका छोटा भाई अमित जोटांगिया राजकोट में योग क्लास चला रहा है, जिससे पूछताछ में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
परिवार हुआ भूमिगत
इस घोटाले का पर्दाफाश होते ही राजकोट में रहने वाले प्रदीप गुरुजी के भाई और परिवार के अन्य सदस्य अपना घर बंद करके कहीं गायब हो गए हैं। राजकोट के रैया रोड स्थित किदवई नगर में उनका एक आलीशान बंगला है, जहां फिलहाल ताला लगा हुआ है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी डर और चर्चा का माहौल है, जबकि पुलिस अब फरार परिजनों की तलाश में जुटी हुई है।
चीन से मंगाया जाता था चांदी का तार
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा नकली नोट बनाने के तरीके को लेकर हुआ है। आरोपी नकली नोटों को बिल्कुल असली जैसा दिखाने के लिए चीन से विशेष प्रकार का 'चांदी का तार' (Security Thread) मंगाते थे। नोट के बीच में जो सुरक्षा धागा होता है, उसकी जगह इस चीनी तार का उपयोग किया जाता था ताकि आम इंसान आसानी से धोखा खा जाए। इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन ने जांच एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की सघन जांच
अहमदाबाद में नकली नोट पकड़े जाने के बाद इस पूरे रैकेट के तार सूरत और राजकोट तक फैल गए हैं। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने प्रदीप गुरुजी सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए मेगा ऑपरेशन शुरू किया है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं और अब तक बाजार में कितनी नकली मुद्रा खपाई जा चुकी है।
राज्य भर में हाई-अलर्ट और सतर्कता
इस बड़े खुलासे के बाद गुजरात के मुख्य शहरों में पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। विशेष रूप से योग केंद्र या अन्य सार्वजनिक संस्थाओं की आड़ में चलने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह एक सुनियोजित आर्थिक आतंकवाद जैसा कृत्य हो सकता है। आने वाले दिनों में इस केस में चीन के साथ हुए लेन-देन और अन्य बड़े नामों के खुलासे होने की पूरी संभावना है।