×
SEARCH
Hindi
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
US-Iran war
खाटू श्याम बाबा
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
धर्म संग्रह
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
श्रीरामचरितमानस
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
समाचार
बॉलीवुड
IPL 2026
US-Iran war
खाटू श्याम बाबा
ज्योतिष
धर्म संग्रह
क्रिकेट
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
श्रीरामचरितमानस
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
कविता: मन की पांखें
सुशील कुमार शर्मा
एक सपना
आंसू-सा गिरा
झिलमिलाता हुआ
बना यादों की नदी।
शब्द झरे लेखनी से
कुछ छंद से
कुछ मुक्त से
लिपटे हैं कागज में
तुम्हारे प्रतिबिम्ब।
एक पेड़-सी तुम
जीवनदायिनी
काटता हूं कुल्हाड़ी-सा तुम्हें
और खुद कटकर
गिर जाता हूं।
चरमराता हुआ
निरीह-सा।
हर कविता
चेतना की धारा-सी
रूपायित होकर
स्वयंसिद्धा बन
तुम्हें समेटे
बन जाती है
संचित स्मृति।
आम का बौराना
संदेश है कि
तुम्हारी स्मृतियां
आरण्यक प्रकृति लिए
कालमृगया बन
आ रही हैं
मन को छलांगते।
आकुल मधु समीर-सी
पुलकित मन की पांखें
झरते मधुकामनी
के फूलों-सी
तुम्हें पाने की
जिजीविषा
और फिर अंतहीन
तन्हाई।
अनुक्षण प्रतिपल
सौंदर्य वेष्टित
प्रेम विन्यास लिए
शब्दों के छंद-सी
तुम्हारी यादें।
वेबदुनिया पर पढ़ें
समाचार
बॉलीवुड
ज्योतिष
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
महाभारत के किस्से
रामायण की कहानियां
रोचक और रोमांचक
सम्बंधित जानकारी
कविता : रेत के पैरों पे ये निशान किसके हैं?
सर्दी के मौसम पर कविता : दोहे बन गए दीप
हिन्दी कविता : कहां हैं घोटाले ?
कविता: मैं ठोकरें बहुत खाता हूं...
कहां हैं घोटाले?
जरुर पढ़ें
रात में ये 3 चीजें खाने से बढ़ सकता है वजन
डॉक्टर बोले: रोज 10 मिनट चलने से कम हो सकती हैं ये बीमारियां
Sattu Recipes: गर्मी में सेहत को लाभ देगी सत्तू की 5 बेहतरीन रेसिपीज
Fengshui Tips: फेंगशुई: इन 3 बदलावों से घर में आएगा पैसा ही पैसा
गर्मी में बेहतरीन स्वादिष्ट आम रस कैसे बनाएं, पढ़ें स्टेप बाय स्टेप विधि और खास कुकिंग टिप्स
नवीनतम
गुरु अंगद देव जयंती, जानें सिख धर्मगुरु के बारे में 10 अनजानी बातें
शिक्षाप्रद कहानी: बालक राम से 'परशुराम' बनने की गाथा
World Art Day: विश्व कला दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है?
सतुवाई अमावस्या पर बनाएं सत्तू के 5 आधुनिक, हेल्दी और क्रिएटिव व्यंजन
हमने भारत तो बना लिया, अब भारतीय बनाना होंगे, संविधान इसके लिए सबसे सशक्त माध्यम है
ऐप में देखें
x