×
SEARCH
Hindi
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
US-Iran war
खाटू श्याम बाबा
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
धर्म संग्रह
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
श्रीरामचरितमानस
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
समाचार
बॉलीवुड
IPL 2026
US-Iran war
खाटू श्याम बाबा
ज्योतिष
धर्म संग्रह
क्रिकेट
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
श्रीरामचरितमानस
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
कविता : सखि बसंत में तो आ जाते
सुशील कुमार शर्मा
शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2025 (16:58 IST)
सखि बसंत में तो आ जाते।
विरह जनित मन को समझाते।
दूर देश में पिया विराजे,
प्रीत मलय क्यों मन में साजे,
आर्द्र नयन टक टक पथ देखें
काश दरस उनका पा जाते।
सखि बसंत में तो आ जाते।
सुरभि मलय मधु ओस सुहानी,
प्रणय मिलन की अकथ कहानी,
मेरी पीड़ा के घूंघट में,
मुझसे दो बातें कह जाते।
सखि बसंत में तो आ जाते।
सुमन-वृन्त फूले कचनार,
प्रणय निवेदित मन मनुहार
अनुराग भरे विरही इस मन को
चाह मिलन की तो दे जाते,
सखि बसंत में तो आ जाते।
दिन उदास विहरन हैं रातें
मन बसंत सिहरन सी बातें
इस प्रगल्भ मधुरत विभोर में
काश मेरा संदेशा पाते।
सखि बसंत में तो आ जाते।
बीत रहीं विह्वल सी घड़ियां,
स्मृति संचित प्रणय की लड़ियां,
आज ऋतु मधुमास में मेरी
मन धड़कन को वो सुन पाते।
सखि बसंत में तो वो आ जाते।
तपती मुखर मन वासनाएं।
बहतीं बयार सी व्यंजनाएं।
विरह आग तपती धरा पर
प्रणय का शीतल जल गिराते।
सखि बसंत में तो आ जाते।
मधुर चांदनी बन उन्मादिनी
मुग्धा मनसा प्रीत रागनी
विरह रात के तम आंचल में
नेह भरा दीपक बन जाते।
सखि बसंत में तो आ जाते।
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
वेबदुनिया पर पढ़ें
समाचार
बॉलीवुड
ज्योतिष
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
महाभारत के किस्से
रामायण की कहानियां
रोचक और रोमांचक
सम्बंधित जानकारी
नवगीत: फूल खिलें जब
हिन्दी कविता : पतंग हूं मैं..
हिन्दी में मार्मिक कविता: तुम ऐसी तो न थीं
हिन्दी कविता : स्मृतियां अनिमेष
love relation पर मार्मिक कविता : रिश्ते
जरुर पढ़ें
Morning Routine: सुबह उठते ही सबसे पहले करें ये 1 काम, दिनभर रहेंगे ऊर्जा से भरपूर
10 Health benefits of Sattu: सत्तू के सेवन से सेहत को मिलेंगे ये 10 फायदे
डॉक्टर बोले: रोज 10 मिनट चलने से कम हो सकती हैं ये बीमारियां
गर्मियों में धूप में निकलने से पहले बैग में रखें ये चीजें, लू और सन टेन से होगा बचाव
सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर में होते हैं ये 5 बड़े बदलाव
नवीनतम
हिन्दी कविता: पृथ्वी की पुकार
Jhalmuri recipe: घर पर 5 मिनट में बन जाएगी बंगाल की फेमस PM MODI वाली झालमुड़ी, फटाफट नोट करें रेसिपी
world earth day: पृथ्वी दिवस पर 10 प्रभावशाली पंक्तियां क्या हैं?
Ramanuja Jayanti: रामानुज जयंती कब और क्यों मनाई जाती है, जानें 5 रोचक तथ्य
Earth Day 2026: पृथ्वी दिवस: धरती पर से जीवन का विनाश है नजदीक, जानिए 5 खास कारण
ऐप में देखें
x