पूरे दिन पॉजिटिव रहने के लिए सुबह के रूटीन में शामिल करें 10 आदतें

गुरुवार, 28 सितम्बर 2023 (19:07 IST)
Morning Tips for Success: कहते हैं कि रात में नींद और सुबह जागना अच्छा हुआ तो पूरा दिन अच्छा गुजरेगा। पूरे दिन व्यक्ति प्रसन्न रहता है और दिनभर पॉजिटिव माइंड बना रहता है। ऐसा रूटीन लगातार रहने से व्यक्ति हर क्षेत्र में सफल होता है और मनचाहा परिणाम प्राप्त करता है। यदि आप भी चाहते हैं कि आपका पूरे दिन खुशी और पॉजिटिविटी से भरा रहे तो सुबह के रूटीन में शामिल करें 10 आदतें।
 
1. शुभ तस्वीर देखें : नींद से जागते ही आप एकदम से आंखें न खोलें। धीरे-धीरे आंखें खोलें और यह सुनिश्चित करें कि आंखें खुलते ही आपको अच्छी तस्वीर के दर्शन हो। अत: हमारी सुबह यदि शुभ दर्शन और शुभ कार्यों के साथ शुरू होगी तो संपूर्ण दिन भी शुभ ही होगा। अच्छा ये है कि आप अपने बेडरूम में अच्छी तस्वीरें लगाएं। आंख खुलते ही आप किसी का भी चेहरा देखने से बचें, खासकर किसी ऐसे व्यक्ति, पशु या अन्य का जिसे देखकर आपके मन में अचानक से बुरे भाव आते हो या आपको अच्छा न लगता हो।
 
2. हथेली दर्शन करें : सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी हथेली के दर्शन करें और भगवान का ध्यान करें। ऐसा करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। धर्मग्रंथों और ऋषि-मुनियों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि हमारे हाथों की हथेलियों में दैवीय शक्तियां निवास करती हैं। 
 
3. स्वर जानकर ही उठें : बिस्तर छोड़ते ही हमारी यात्रा प्रारंभ हो जाती है। अत: जो भी स्वर चल रहा हो उसी साइड का पैर निकालकर उठें। उठने के कम से कम एक घंटे तक चुप रहें और इस दौरान शौचादि से मुक्त होने का कार्य ही करें।
4. प्राथमिक कार्य पर ध्यान दें : सुबह उठने के बाद सबसे पहले उन कामों के बारे में सोचे जो आपको प्राथमिक रूप से करना है। इस आदत से आप सबसे जरूरी कार्य को निपटाने की क्षमता साहिल करेंगे। जीवन में सफलता हेतु सबसे पहले वही कार्य करना चाहिए जो आपने जीवन में खास है। 
 
5. प्रार्थना करें : यदि आप पूजा पाठ करते हैं तो शौचादि से मुक्त के बाद ये कार्य करें या प्रार्थना करें या भजन सुनें। दरअसल, हम जब सो रहे होते हैं या सोकर उठ रहे होते हैं तो वह काल संधि का काल होता है। जैसे सूर्योदय या सूर्यास्त या जैसे रात और दिन या दिन और रात जहां मिल रहे होते हैं, उसे संधि कहते हैं। ऐसे काल में हमारा मस्तिष्क बहुत ही संवेदनशील होता है। ऐसे में यदि वह सकारात्मक बातें ग्रहण करता है, तो जीवन में सकारात्मक घटनाएं ही घटती हैं, लेकिन यदि वह लगातार नकारात्मकता ग्रहण करता है तो जीवन में नकारात्मकता ही घटित होती है।
 
6. ध्यान करें : जो लोग देर से सोते हैं, वे देर से ही उठते हैं या उन्हें मजबूरीवश देर से सोना और जल्दी उठता पड़ता है। ऐसे लोगों की सेहत दिन-ब-दिन गिरती जाती है जिसका उन्हें पता नहीं चलता। वे चिढ़चिढ़े हो जाते हैं और उनके संबंधों पर भी गहरा असर होता है। ऐसे में जरूरी है कि सुबह उठकर शौचादि के बाद 5 मिनट का ध्यान करें या अपने ईष्टदेव की पूजा या प्रार्थना करें। इसके बाद ही कोई दूसरा कार्य करें। सुबह उठ कर चाहे 10 मीनिट ही सही लेकिन मेडिटेशन जरूर करें। इससे आपके विचार संतुलित हो जाएंगे और दिमाग शांत रहेगा।
 
7. एक घंटे तक मौन रहें : उठने के कम से कम एक घंटे तक चुप रहें और इस दौरान शौचादि से मुक्त होने का कार्य ही करें। जरूरी हो तो ही बोलें।
 
8. वाणी को मनाएं मधुर, करें अच्छा व्यवहार : सुबह उठते ही झगड़ें नहीं और न ही गड़े मुर्दे उखाड़ने का प्रयास करें। यदि आप ऐसा करते रहेंगे तो जिंदगी में कभी भी बेहतर की आशा न करें। सुबह उठकर घर में या दफ्तर जाकर लोगों से कठोर भाषा में बात न करें। अच्छे शब्दों का उपयोग करें। अपनी वाणी को मधुर बनाएं और सुबह सुबह अच्छा व्यवहार करें।
 
9. कसरत करें : सभी कार्यों से मुक्त होने के बाद सुबह कम से कम 15 मिनट के लिए योगासन, एरोबिक्स, कसरत, साइकिलिंग या मॉर्निंग वॉक करें।
 
10. इन कार्यों से बचें : सुबह टीवी पर कभी भी लड़ाई-झगड़े, रोने-धोने वाले सीरियल न देखें। इसी तरह रात को सोने से कुछ समय पूर्व भी ऐसा न करें। सुबह उठते ही अखबार पढ़ने या टीवी देखने से भी मस्तिष्क पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। आजकल लोग सुबह उठते ही कम्प्यूटर या मोबाइल से चिपक जाते हैं जिसकी वजह से उनके जीवन पर नकारात्मक असर पड़ता है। उनकी सेहत और संबंध खराब होने लगते हैं, साथ ही समय प्रबंधन भी गड़बड़ा जाता है। सुबह उठते ही कुछ लोग शौच जाए बिना या बिना मंजन किए भोजन करना शुरू कर देते हैं, जो कि बहुत ही गलत है। इससे सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बिना शौच जाए खाने से पहले की गंदगी बाहर नहीं निकल पाती और बिना मंजन किए खाने से रातभर की मुंह की गंदगी और पेट में चली जाती है। 

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