कैवल्य ज्ञान क्या है? जानें इसका सही अर्थ और इसे प्राप्त करने के प्रभावी तरीके

अनिरुद्ध जोशी

शनिवार, 25 अप्रैल 2026 (07:46 IST)
kevalya gyan kya hai: भगवान महावीर को वैशाख शुक्ल दशमी के दिन बिहार के जंभियग्राम के पास ज्ञान प्राप्त हुआ था। जैन धर्म के अनुसार, कैवल्य ज्ञान प्राप्ति के बाद महावीर स्वामी 'केवली' कहलाए। उन्होंने बताया कि हर आत्मा में परमात्मा बनने की शक्ति है, बस उसे कर्मों के आवरण को हटाना होगा।
ALSO READ: Lord Mahavir Swami: महावीर स्वामी कैवल्य ज्ञान दिवस पर जैन धर्मी क्या करते हैं?

कैवल्य ज्ञान का क्या होता है अर्थ?

ALSO READ: कैवल्य ज्ञान का मार्ग महावीर स्वामी

कैवल्य ज्ञान कैसे प्राप्त होता है?

 
जो इस अवस्था को प्राप्त कर लेता है उसे केवलिन कहा जाता है। कैवल्य आत्मज्ञान का अंतिम चरण है जिसे मोक्ष या निर्वाण भी कहा जाता है। दुनिया में सब कुछ आसानी से मिल सकता है, लेकिन खुद को पाना आसान नहीं। खुद को पाने का मतलब है कि सभी तरह के बंधनों से मुक्ति। कैवल्य ज्ञान प्राप्त होने के बाद भगवान महावीर ने जनकल्याण के लिए शिक्षा देना शुरू की। अर्धमगधी भाषा में वे प्रवचन करने लगे, क्योंकि उस काल में आम जनता की यही भाषा थी।

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी