पूर्णिमा आरम्भ : 4 फरवरी 2023 को 09:33:13 पीएम से प्रारंभ।
समापन : 6 फरवरी 2023 को 00:01:37 पर पूर्णिमा समाप्त।
- पंचोपचार यानी पांच प्रकार की सामग्री से उनकी पूजा करें। गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करने के बाद आरती उतारें।
- माघ माह में काले तिल से हवन और काले तिल से पितरों का तर्पण भी करना चाहिए।
- इसके बाद मध्याह्न काल में किसी गरीब व्यक्ति को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दें।
- दान में तिल और काले तिल विशेष रूप से दान में देना चाहिए।
- इस दिन दान-दक्षिणा का बत्तीस गुना फल मिलता है। इसलिए इसे माघी पूर्णिमा के अलावा बत्तिसी पूर्णिमा भी कहते हैं।