Pakistan Cricket : पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी (Najam Sethi) ने अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) को पाकिस्तान क्रिकेट के पतन के लिए जिम्मेदार ठहराया है। X पर एक पोस्ट में सेठी ने कहा कि देश का राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन पर नाराज होना उचित है। चैंपियन्स ट्रॉफी (Champions Trophy) का मेजबान पाकिस्तान लगातार दो हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गया है।
सेठी ने लिखा, क्रिकेट बिरादरी का कहना है कि पाकिस्तान का स्तर बहुत नीचे गिर गया है। एक क्रिकेट टीम जो कभी टी20 (2018) और टेस्ट (2016) तथा एकदिवसीय (1990 और 1996) में नंबर एक थी, जिसने 1992 में विश्व कप और 2017 में चैंपियन्स ट्रॉफी जीती, आज उसकी तुलना जिंबाब्वे से कैसे की जा रही है?
सेठी के अनुसार टीम का पतन 2019 में शुरू हुआ जब एक नए प्रधानमंत्री/संरक्षक (उस समय इमरान खान प्रधानमंत्री थे और वह एहसान मनी को पीसीबी अध्यक्ष के रूप में लाए थे) के तहत एक नए प्रबंधन ने घरेलू क्रिकेट ढांचे को बदल दिया।
सेठी ने लिखा, राजनीतिक हस्तक्षेप जारी रहा, विरोधाभासी पीसीबी नीतियां नियम बन गईं- विदेशी कोचों को काम पर रखा गया और उन्हें फिर निकाल दिया गया, चयनकर्ताओं को मनमाने ढंग से नामित किया गया, पुराने त्यागे हुए लोगों को सलाह देने और प्रबंधन करने के लिए भर्ती किया गया।
उन्होंने कहा, आखिरकार खिलाड़ियों की ताकत, कप्तान के अहंकार का टकराव और टीम में गुटबाजी ने प्रबंधन की विफलता पर जीत हासिल कर ली। भयानक परिणाम हमारे सामने हैं।
The nation is justifiably angry. The cricket fraternity says Pakistan has hit rock bottom. How come a cricket team that was once #1 in T20s (2018) and Tests (2016) and ODIs (1990 and 1996), which won the WC in 1992 and CT in 2017, is today equated with Zimbabwe?
The downfall…
इमरान के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद सेठी ने पीसीबी (Pakistan Cricket Board) से इस्तीफा दे दिया। इससे ICC के पूर्व अध्यक्ष एहसान मनी की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया।
वर्ष 2019 में इमरान के निर्देश पर PCB ने घरेलू क्रिकेट ढांचे को नया रूप दिया और घरेलू क्रिकेट आयोजनों में हिस्सा लेने वाली 16-18 विभागीय और क्षेत्रीय संघ की पुरानी प्रणाली को समाप्त कर दिया और छह टीमों का प्रथम श्रेणी ढांचा पेश किया गया।
बाद में इमरान ने 2021 में रमीज राजा (Ramiz Raja) को भी अध्यक्ष नियुक्त किया जब मनी (Ehsan Mani) ने अपने अनुबंध के विस्तार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। दिसंबर 2022 में इमरान सरकार के पतन के बाद सेठी ने फिर रमीज की जगह ली। (भाषा)