लाल किले की परंपरा: एक ऐतिहासिक महत्व
लाल किले पर तिरंगा फहराना सिर्फ एक रस्म नहीं है, बल्कि यह सत्ता के हस्तांतरण और स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में शुरू हुई एक गौरवशाली परंपरा है। 15 अगस्त 1947 को, जब भारत को आज़ादी मिली, तो पंडित नेहरू ने यहीं से पहली बार तिरंगा फहराया था। यह उस प्रतीक को दर्शाता है कि अब भारत पर किसी विदेशी ताकत का नहीं, बल्कि भारतीयों का राज है।