रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के 5 दिन बाद भी बच्चे का सिर और धड़ बरामद नहीं हो सके हैं। पुलिस जिस सामग्री को शव मानकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल लेकर गई थी, उसमें बच्चे का केवल एक पैर ही मिला। अब फोरेंसिक टीम दोबारा घटनास्थल पर पहुंचकर बाकी हिस्सों की तलाश में जुट गई है। माना जा रहा है कि सिलेंडर से हुए ब्लास्ट के कारण तनय के शरीर के चीथड़े उड़ गए।
घटना के बाद रेस्क्यू टीम जिस पोटली को लेकर बाहर आई थी उसमे बच्चे का शव होना बताया गया था। बाद में खुलासा हुआ कि उस पोटली में सिर्फ पैर का एक टुकड़ा मिला था। जिसे रेस्क्यू टीम धड़ समझ रही थी, वह सोफे का फोम है।
मामले की फोरेंसिक जांच
पुलिस ने रविवार को 'अर्हम विला से जब्त डीवीआर चलाने का प्रयास किया। मनोज के बेटे सौमिल की उपस्थिति में एक्सपर्ट को बुलाया गया। उसकी हार्ड डिस्क डैमेज हो गई है। पुलिस फोरेंसिक जांच करवा रही है। पुलिस ने यहां से जले हुए वायर, केबल, एमसीबी सहित कुछ अन्य इलेक्ट्रिक सामग्री की जब्ती की है।