इंदौर के होल्कर साइंस कॉलेज में 150 प्रोफेसर को बंधक बनाने वाले छात्रों पर ABVP ने कार्रवाई की है। इन दो छात्रों को ABVP ने निष्कासित कर दिया है। बता दें कि कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर राजेंद्र सिंह रघुवंशी ने जांच की थी, इस जांच में प्रोफेसर को बंधक बनाने की घटना सही पाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले छात्र आलेख द्विवेदी, पीयूष कामविस्दार, सचिन राजपूत और सना के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
अपर कलेक्टर की जांच में सामने आया कि छात्र नेताओं ने 23 फरवरी को कॉलेज परिसर में बिना अनुमति होली मिलन समारोह के पोस्टर लगाए थे, जिसे प्रिंसिपल डॉ अनामिका जैन के निर्देश पर हटा दिया गया था। इसी के विरोध में छात्रों ने यह प्रदर्शन किया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि छात्रों ने जानबूझकर हॉल का दरवाजा बंद किया और बिजली काटी, जो अनुशासनहीनता का गंभीर मामला है। घटना के बाद कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन ने घटना की शिकायत भंवरकुआं थाने में दर्ज कराई और कलेक्टर आशीष सिंह से भी मामले की जानकारी दी थी।
क्या था पूरा मामला : इंदौर के होल्कर साइंस कॉलेज में होली के पोस्टर हटाने को लेकर छात्रों ने जमकर हंगामा किया था। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यशवंत हॉल में बैठक कर रहे 150 से अधिक प्रोफेसरों को करीब आधे घंटे तक बंधक बनाए रखा। उन्होंने गेट पर लकड़ी फंसा दी और लाइट भी बंद कर दी, जिससे हॉल में मौजूद प्रोफेसर घबरा गए। इसके बाद छात्रों ने प्रिंसिपल के कार्यालय में घुसकर हंगामा किया और जवाब मांगने लगे।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश : घटना के बाद एबीवीपी महानगर कार्यालय मंत्री लवीश जाधव ने बयान जारी कर हंगामे की निंदा की। उन्होंने कहा कि संगठन इस तरह की घटनाओं का समर्थन नहीं करता। एबीवीपी महानगर मंत्री रितेश पटेल ने बताया कि संगठन से जुड़े आलेख द्विवेदी और सचिन राजपूत प्रदर्शन में शामिल थे, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से एबीवीपी से निष्कासित कर दिया गया हैं। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने अनुशासन समिति से दोषी छात्रों पर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है।
Edited By: Navin Rangiyal