गौरतलब है कि ट्रंप ने यूक्रेन को मदद के बदले खनिजों में 500 बिलियन डॉलर की हिस्सेदारी मांगी थी। मीडिया खबरों के अनुसार, जेलेंस्की ने इसे इसलिए खारिज किया था, क्योंकि इसमें अमेरिका की कोई भागीदारी नहीं थी, जबकि यूक्रेन से सब कुछ देने की उम्मीद की गई थी।