IPL-13 : दिल्ली-पंजाब की भिड़ंत का फैसला करेंगे विस्फोटक बल्लेबाज

शनिवार, 19 सितम्बर 2020 (23:46 IST)
File Photo 
दुबई। दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) और किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) के बीच रविवार को होने वाली आईपीएल-13 (IPL-13) की भिड़ंत का फैसला दोनों टीमों के विस्फोटक बल्लेबाज करेंगे।

दिल्ली की टीम पिछले सत्र में प्लेऑफ में पहुंची थी और तीसरे स्थान पर रही थी, जबकि पंजाब का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और उसे छठा स्थान मिला था। पंजाब की कप्तानी पिछले सत्र में भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने की थी लेकिन इस सत्र में वह दिल्ली कैपिटल्स टीम की तरफ से खेल रहे हैं।

दोनों ही टीमों में कई विस्फोटक बल्लेबाज हैं जिनके ऊपर अपनी टीम की जीत का दारोमदार रहेगा। इस मुकाबले में सभी की नजरें दिल्ली के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत और पंजाब के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल पर रहेंगी, जो कुछ ही ओवरों में मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। पंत ने पिछले सत्र में 16 मैचों में 488 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट 162.66 रहा था।

पंत मध्य और डेथ ओवरों में जोरदार प्रहार करने की क्षमता रखते हैं। वे एक समान अधिकार से तेज और स्पिन गेंदबाजों को पीट सकते हैं लेकिन कोरोना के कारण लम्बे समय तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से बाहर रहने के बाद मैदान में उनका बल्ला कितनी आग उगलता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

पंजाब के ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मैक्सवेल इंग्लैंड से टी-20 और वनडे सीरीज खेलकर दुबई पहुंचे हैं। इंग्लैंड से दुबई पहुंचे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को मात्र 36 घंटे के क्वारंटीन में रखा गया था ताकि वे अपनी टीमों के लिए शुरुआत से ही उपलब्ध हो सकें। टीम फ्रेंचाइजी का आग्रह था कि ये खिलाड़ी जैव सुरक्षा वातावरण से निकलकर चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए दुबई में जैव सुरक्षा वातावरण में पहुंचे हैं इसलिए उन्हें छह दिन के अनिवार्य क्वारंटीन में नहीं रखा जाए।

तेज गेंदबाजी और स्पिन के खिलाफ पंत का पिछले तीन सत्र में औसत और स्ट्राइक रेट 39 और 177 तथा 42 और 157 का है। टीमें मध्य ओवरों में लेग स्पिनरों को अपने सबसे बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल करती हैं लेकिन पंत का लेग स्पिनरों के खिलाफ औसत 56 का और स्ट्राइक रेट 160 का है।

ऑफ स्पिन के खिलाफ उनका औसत 38 और स्ट्राइक रेट 151 का है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के सामने उनका औसत 36 का और स्ट्राइक रेट 201 का है। आईपीएल की टीमों में एकमात्र किंग्स इलेवन पंजाब है जिसने उनका स्ट्राइक रेट 150 से नीचे रखा है।
 
ख्यातिप्राप्त अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों में केवल जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव ही पंत के खिलाफ प्रभावी साबित हुए हैं। राशिद खान, इमरान ताहिर, जोफ्रा आर्चर और सुनील नरायण को उनके खिलाफ मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इन चारों के खिलाफ पंत का सबसे कम औसत इमरान ताहिर के खिलाफ 32 का है जबकि सबसे कम स्ट्राइक रेट राशिद खान के खिलाफ 146 का है। पंत का पहले बल्लेबाजी करने के दौरान 44 का औसत और 175 का स्ट्राइक रेट है जबकि लक्ष्य का पीछा करने के दौरान उनका औसत 37 का और स्ट्राइक रेट 161 का है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में परिस्थिति भारत से भिन्न होंगी। भारत में ओवरआल आईपीएल में जहां औसतन 5.63 गेंदों पर बाउंड्री लगती है वहीं 2017 के बाद से अबुधाबी में टी-20 में औसतन आठ गेंदों पर एक बार, दुबई में सात गेंदों में एक बार और शारजाह में छह गेंदों में एक बार गेंद सीमा रेखा के पार जाती है। यहां औसत स्कोर भी भारत के मुकाबले कम खड़ा होता है। ऐसे में पंत को यूएई में अधिक प्रयास करना होगा।

आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान रहे और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को पंत के प्रति कोई खास सहानुभूति नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मुकाबले आईपीएल में आप कमजोर गेंदबाजों को निशाना बना सकते हैं और उसके ऊपर टीम से बाहर निकाले जाने की संभावना भी कम होती है।

गंभीर ने कहा, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट एक खिलाड़ी को तैयार करने के बजाय अच्छा प्रदर्शन करना होता है। अगर आपको किसी खिलाड़ी को तैयार करना है, तो उसके लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट है। कई खिलाड़ी अपनी बारी का इंतजार कर रहे होते हैं और ऐसे में आपको यह तय करना होगा कि आप एक खिलाड़ी को कितने मौके देना चाहते हैं। आप केवल प्रतिभा के आधार पर लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सकते।

ऐसे में पंत अगर आईपीएल के पिछले तीन संस्करणों में खेले गए प्रदर्शन को जारी रखना चाहते हैं तो उन्हें अधिक कुशलता से गेंदों को हिट करना होगा। किसी भी तरह अगर वह लगातार चौथे आईपीएल में सफल होते हैं, तो वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर उठ रहे कई सवालों के जवाब देने में सफल होंगे।

दिल्ली टीम के कोच ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग शुरुआत से ही दुबई में टीम के साथ जुड़ गए थे और टीम के पहले मैच से पूर्व करीब एक महीने में वह दिल्ली के खिलाड़ियों को काफी गुरु ज्ञान दे चुके होंगे। दिल्ली की गेंदबाजी दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा की धार पर निर्भर करेगी जिन्होंने पिछले सत्र में 25 विकेट लिए थे और सर्वाधिक विकेट लेने में दूसरे स्थान पर रहे थे। रबाडा के 19 विकेट तो डैथ ओवरों में रहे थे। ऑफ स्पिनर अश्विन इस बार अपनी पिछली टीम पंजाब के खिलाफ अपने अस्त्र-शस्त्र आजमाएंगे।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज डेनियल सैम्स विपक्षी बल्लेबाजों को चौंका सकते हैं। सैम्स डैथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। दिल्ली के अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा भी हैं जो टी-20 फॉर्मेट में एक बार फिर खुद को साबित करना चाहेंगे। ईशांत ने पिछले सत्र में पॉवरप्ले में आठ विकेट हासिल किए थे।

दिल्ली कैपिटल्स के अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा इस टूर्नामेंट में मुंबई इंडियंस के लसिथ मलिंगा का सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड तोड़ने के इरादे से उतरेंगे। मलिंगा निजी कारणों से इस बार टूर्नामेंट से हट गए हैं। मलिंगा ने आईपीएल के 122 मैचों में 170 विकेट लिए हैं जो टूर्नामेंट में सर्वाधिक हैं। मिश्रा ने 147 मैचों में 157 विकेट लिए हैं और उन्हें मलिंगा का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 14 विकेट की दरकार है।

राहुल के ऊपर पंजाब को पहली बार खिताब तक ले जाने की जिम्मेदारी रहेगी। पंजाब के कप्तान हर सत्र के साथ बदलते रहे हैं और राहुल 13 सत्रों में टीम के 12वें कप्तान हैं। टीम के पास अनिल कुंबले के रूप में बेहद अनुभवी खिलाड़ी के रूप में ऐसा कोच है जो विपक्षी टीम की चालों को समझ सकता है।

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी टीम के प्रमुख हथियार रहेंगे। टीम के पास युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई है जो बल्लेबाजों को चौंका सकते हैं। पंजाब ने रवि को खरीदने पर दो करोड़ रुपए खर्च किए थे। कृष्णप्पा गौतम भी अच्छे परिणाम दे सकते हैं जिनका पिछले घरेलू सत्र में अच्छा प्रदर्शन रहा था। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस जॉर्डन भी टीम के आक्रमण को मजबूती देंगे। जॉर्डन ने 2018 सत्र में 17 विकेट लिए थे।(वार्ता)

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