इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ हुआ पिछला महत्वपूर्ण मुकाबला नजदीकी अंतर से हारने के बाद सेमीफाइनल की होड़ में बने रहने के वास्ते बेंगलोर रॉयल चैलेंजर्स के लिए किंग्स इलेवन पंजाब के विरुद्ध सोमवार को होने वाला मैच 'रियल चैलेंज' होगा।
सेमीफाइनल में पहुँचने की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए चैलेंजर्स को अब अपने बाकी छह मैचों में बेहद अच्छा प्रदर्शन करना होगा और किंग्स इलेवन के खिलाफ हार उसकी उम्मीदों को ध्वस्त कर सकती है।
टूर्नामेंट का आधा दौर गुजर चुका है और सेमीफाइनल मुकाबलों की धुँधली तस्वीर अब उभरने लगी है। चैलेंजर्स को अगर उसमें अपनी जगह तय करनी है तो उसे अब चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा।
रॉयल चैलेंजर्स आठ मैचों में दो जीत और छह हार के साथ अंक तालिका में अंतिम पायदान पर है। अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चारू शर्मा को पद से हटाए जाने को लेकर उठे विवाद और कथित रूप से अंदरूनी मतभेदों से गुजर रहे चैलेंजर्स को दयनीय स्थिति से उबरने के लिए बीती बातें भूलकर नए सिरे से शुरुआत करनी होगी।
नाइट राइडर्स के खिलाफ गुरुवार को हुआ मुकाबला चैलेंजर्स के लिए टूर्नामेंट में आगे का सफर थोड़ा आसान करने के वास्ते जीतना बेहद जरूरी था, मगर वे यह मुकाबला पाँच रन से हारकर अपनी राह और मुश्किल कर बैठे।
चैलेंजर्स को अभी छह और मैच खेलने हैं और रनरेट के आधार पर सेमीफाइनल में अपनी सम्भावनाएँ तलाशने की स्थिति से बचने के लिए उसे शेष मुकाबलों में जबर्दस्त प्रदर्शन करके ज्यादा से ज्यादा मैच जीतने होंगे। हालाँकि इसके बावजूद हालात उसके अनुकूल नहीं हैं।
पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाली रॉयल चैलेंजर्स में शिवनारायण चन्द्रपाल, जैक्स कैलिस, मार्क बाउचर और भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान विराट कोहली जैसे बेहतरीन बल्लेबाजों के साथ-साथ जहीर खान, प्रवीण कुमार और अनिल कुम्बले सरीखे अच्छे गेंदबाज होने के बावजूद उनके सही समय पर 'क्लिक' नहीं कर पाने की वजह से टीम की हार हो रही है।
इसके अलावा ट्वेंटी-20 में बहुत अहम भूमिका अदा करने वाला भाग्य भी चैलेंजर्स का साथ नहीं दे रहा है। कभी उसके बल्लेबाज अच्छा स्कोर बनाते हैं तो गेंदबाजी नहीं चलती और कभी बल्लेबाज गेंदबाजों की मेहनत को जीत में तब्दील नहीं कर पाते।
दूसरी ओर अंक तालिका में तीसरे स्थान पर चल रही युवराजसिंह की अगुवाई वाली किंग्स इलेवन पंजाब इस मैच को जीतकर अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहेगी। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शनिवार को मुकाबला हारने के बाद उसमें जीत की राह पर लौटने की छटपटाहट चैलेंजर्स के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है।
आठ में से पांच मैच जीतकर 10 अंक हासिल करने वाली पंजाब की टीम को कुमार संगकारा के चोटिल होने से तगड़ा झटका लगा है, मगर उसके पास अब भी शान मार्श, युवराज सिंह, जेम्स होप्स, रामनरेश सरवन और माहेला जयवर्द्धने के अलावा निचले क्रम में इरफान पठान और पीयूष चावला के रूप में बेहतरीन बल्लेबाज हैं।
इसके अलावा ब्रेट ली की गैरमौजूदगी के बावजूद पठान, शांतकुमारन श्रीसंथ और चावला के रूप में पंजाब के पास अच्छे गेंदबाज भी हैं। कुल मिलाकर सोमवार को होने वाला मुकाबला चैलेंजर्स के लिए 'रियल चैलेंज' होने के साथ-साथ पंजाब के लिए यह अपनी गलतियों से सबक लेकर सेमीफाइनल की तरफ कदम बढ़ाने का अवसर भी होगा।