दिल्ली टेस्ट में शतक बनाने से एंजेलो मैथ्यूज काफी राहत में

सोमवार, 4 दिसंबर 2017 (19:41 IST)
नई दिल्ली। भारत के खिलाफ आज यहां दो साल से भी अधिक समय बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक जड़ने वाले श्रीलंका के ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज ने कहा कि वह हमेशा ही खेलते हुए दबाव महसूस करते हैं और इस शतक से उन्हें काफी राहत मिली है।
 
मैथ्यूज ने आज भारत के खिलाफ 111 रन की पारी खेलने के अलावा कप्तान दिनेश चांदीमल (नाबाद 147) के साथ चौथे विकेट के लिए 181 रन की साझेदारी भी की।
 
मैथ्यूज ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘यह काफी अच्छा और राहत भरा है। मैं गेंद को नेट में काफी अच्छी तरह हिट कर रहा था। कोलकाता टेस्ट में मैंने अच्छी शुरूआत करते हुए अर्धशतक जड़ा लेकिन इसका फायदा उठाकर बड़ी पारी नहीं खेल पाया।’ 
 
उन्होंने कहा, ‘दूसरे टेस्ट में अपने प्रदर्शन से मैं निराश हूं लेकिन मैं नेट पर गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा था और मेरे अंदर पूरा आत्मविश्वास था। आज अच्छी शुरुआत के बाद मैंने इसका फायदा उठाया। भाग्य ने भी मेरा साथ दिया। लेकिन यह खेल का हिस्सा है। निराश हूं कि मैं इसे बड़ी पारी में नहीं बदल पाया। भारतीय टीम को श्रेय जाता है कि उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा और रन बनाने के आसान मौके नहीं दिए।’ 
 
दो साल से अधिक समय बाद पहला टेस्ट शतक जड़ने वाले मैथ्यूज ने कहा, ‘मैं मौके का इंतजार कर रहा था। हमें आज रन बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी क्योंकि वे आसान मौके नहीं दे रह थे। वे काफी अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे। चांदीमल ने काफी अच्छी लय में बल्लेबाजी की लेकिन मैं उतनी अच्छी लय में नहीं खेल पाया। यह मेरी सबसे कड़ी पारियों में से एक है जहां मुझे रन बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। मुझे खुशी है कि मैंने कड़ी मेहनत की क्योंकि अंत में मुझे इसका फायदा मिला।’ 
 
भारतीय गेंदबाजों की तारीफ करते हुए मैथ्यूज ने कहा, ‘हम दुनिया की नंबर एक टीम के खिलाफ खेल रहे हैं और चारों गेंदबाज लगातार आप पर हावी होने की कोशिश कर रहे थे। विराट कोहली उन्हें काफी अच्छी तरह रोटेट कर रहे थे। हमें काफी ढीली गेंद नहीं मिली। आप देखोगे कि मुझे और चांदीमल को रन बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।’ 
 
पिछले कुछ समय में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने पर मैथ्यूज ने कहा, ‘पिछले कुछ समय में मुझे चोटों का सामना करना पड़ा और मैं टीम से अंदर बाहर होता रहा। मेरे प्रदर्शन की निरंतरता इससे प्रभावित हुई। मैंने एक भी मैच ऐसा नहीं खेला जिसमें मैं दबाव में नहीं रहा। पदार्पण मैच से लेकर अब तक मुझे दबाव महसूस होता है। लेकिन हमें पता है सीनियर होने के साथ हमेशा आपके उपर दबाव रहता है। 
 
दिल्ली में लगातार दूसरे दिन प्रदूषण का मुद्दा छाया रहा और मैथ्यूज ने कहा कि इससे जुडा कोई भी फैसला मैच रैफरी और अंपायरों को करना है। आज प्रदूषण के स्तर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘यह हमेशा से ही ऐसा था। यह मैच रैफरी और अंपायरों का काम है कि वे फैसला करें। हम यहां क्रिकेट खेलने आए हैं और फैसला मैच रैफरी को करना है।’ 
 
उन्होंने कहा, ‘प्रदूषण का स्तर कल की ही तरह था और शायद थोड़ा बुरा ही था। हमें अगले कुछ दिन भी इससे निपटना होगा। यह मैच रैफरी का काम है कि वे आईसीसी से बात करें। लेकिन यह बहुत कम होने वाली घटना है। हमें कभी इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा। मैच रैफरी और दो अंपायर मौजूद हैं और मुझे यकीन है कि वे इस बारे में आईसीसी से बात करेंगे।’ 
 
मैथ्यूज ने कहा कि इससे भारतीय खिलाड़ियों के साथ उनके रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंन कहा, ‘रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह अजीब स्थिति थी क्योंकि किसी को नहीं पता था कि क्या करना है। रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि हम मैदान पर कड़ी प्रतस्पिर्धा देते हैं लेकिन बाहर अच्छे दोस्त हैं।’ 
 
श्रीलंका ने आज पहली पारी में नौ विकेट गंवा दिए जिसके संदर्भ में मैथ्यूज ने कहा, ‘हम थोड़े निराश हैं। थोड़े अधिक विकेट बचते तो बेहतर होता। हमने आज काफी विकेट गंवाए। कल अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। कुछ जल्दी विकेट हासिल करके हम उन्हें बैकफुट पर ला सकते हैं।’ (भाषा) 

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