योग के बाद अब ध्यान में डूबते अमेरिकी

मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017 (11:59 IST)
बाहरी दुनिया शोर गुल से भरी है और भीतर मन की उथल पुथल है। ऐसे में क्या ध्यान शांति दे पाएगा? योग के बाद अब ध्यान अमेरिका को अपनी आगोश में ले रहा है।
 
शाम के पांच बजते ही 31 साल की जूलिया लायंस अपना काम काज समेटती हैं। न्यू यॉर्क से सटे शहर मैनहटन में रहने वाली जूलिया सीधे ध्यान केंद्र की ओर बढ़ती हैं। वहां वह आधे घंटे गहरे ध्यान में डूबने की कोशिश करेंगी। जूलिया इनवेस्टमेंट बैंकर हैं। अप्रैल 2016 में अचानक उन्होंने ध्यान शुरू किया। ध्यान केंद्र के सोफे में बैठकर वह कहती हैं, "मैं शांति का एक लम्हा चाहती हूं। इस शहर में आप हमेशा भाग रहे होते हैं और यहां कोई भी ऐसा कोना नहीं जहां शांति हो।"
 
योग भले ही दुनिया भर में मशहूर हो चुका हो, लेकिन ध्यान अभी भी चुनिंदा लोगों तक ही सीमित है। पश्चिम में अब तक ध्यान को आध्यात्मिकता की ओर झुके हुए लोगों से जोड़कर देखा जाता रहा है। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। अमेरिका के कई अस्पतालों में गंभीर बीमारियों के इलाज में ध्यान की मदद ली जा रही है। स्कूलों में टेलिविजन के जरिये ध्यान सिखाया जा रहा है। स्मार्टफोन तक सिमट चुकी जिंदगी का ही नतीजा है कि अमेरिका में अब निर्वाण और ध्यान बड़ा कारोबार बन रहा है।
 
2015 में ग्रीनविच नाम के गांव में लोड्रो रिंजलर ने मेडिटेशन स्टूडियो खोला। अब ब्रुकलिन और मैनहटन में भी उनके दो स्टूडियो हैं। लॉस एजेंलेस, मियामी, वॉशिंगटन और बॉस्टन में भी कई मेडिटेशन स्टूडियो खुल चुके हैं। रिंजलर कहते हैं, "यहां न्यू यॉर्क के समाज के हर तबके के लोग आते हैं। सब एक ही बात कहते हैं कि मुझे बहुत तनाव है। मैं जानना चाहता हूं कि अपने मन को कैसे नियंत्रित करूं।"
 
ज्यादातर शहरों में ध्यान के आधे घंटे का सेशन 10 डॉलर का है। स्टूडियो में हल्की रोशनी होती है, खास तरह की सुगंध होती है और ऑर्गेनिक टी भी मिलती है। सिलिकॉन वैली की कई कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए ध्यान के कोर्स आयोजित कर रही हैं। 
 
हॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री एमिली फ्लेचर ने 2012 में कंपनियों के कर्मचारियों के लिए मेडिटेशन कोर्स शुरू किया। शुरुआत में सिर्फ 150 लोग थे। आज यह संख्या 7,000 से ज्यादा है। ऑनलाइन कोर्स के जरिये वह क्लीवलैंड, ओहायो और फ्लोरिडा जैसे शहरों तक पहुंचना चाहती हैं।
 
जीवा मेडिटेशन की प्रमुख एमिली फ्लेचर कहती हैं, "मैं कंपनियों के सीईओ को ध्यान सिखाती हूं और इससे उन्हें फायदा होता है और वो मुझे अपनी कंपनी तक ले जाते हैं। शुरुआत में कर्मचारी स्वार्थ के कारण ध्यान सत्र में हिस्सा लेते हैं। 
 
एमिली के मुताबिक, "वे बेहतर ढंग से बात करना चाहते हैं, अपने बॉस को खुश रखना चाहते हैं, ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं या फिर सेक्स लाइफ बेहतर करना चाहते हैं।" लेकिन एमिली उनसे एक ही बात कहती हैं, "अगर आप ध्यान करने लगेंगे तो आप अपने जीवन का आनंद लेने लगेंगे, आपका मस्तिष्क बेहतर ढंग से काम करेगा, आपके शरीर को अच्छा अहसास होगा, आप कम बीमार पड़ेंगे।"
 
अमेरिका में अब ध्यान के ऐप्स भी तेजी से फैलने लगे हैं। सबसे लोकप्रिय ऐप्स में से एक है, हेडस्पेस। अब तक इसे 1.1 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है। इसके 4,00,000 पेड यूजर्स हैं।
 
- ओएसजे/एमजे (एपी)

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