गंजे लोगों के लिए उम्मीद की किरणें

गुरुवार, 19 अप्रैल 2012 (13:32 IST)
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सिर के बाल गिरने से सन्नी देओल और हिमेश रेशमिया जैसे सितारे ही परेशान नहीं रहे हैं, आम आदमी भी गंजा होना पसंद नहीं करता। अब उनके लिए जापान के रिसर्चर नई उम्मीद ले कर आए हैं

जापानी वैज्ञानिकों को बाल रहित चूहे के शरीर पर स्टेम सेल से बनाए गए रोमों को प्रत्यारोपित कर बाल उगाने में सफलता मिली है। इस नतीजे की घोषणा के बाद गंजेपन के इलाज की नई उम्मीदें बंध गई हैं।

टोकियो साइंस यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर ताकाशी त्सूजी के नेतृत्व वाली टीम ने पहले बायोइंजीनियरिंग के जरिए बालों वाले रोम बनाए और उसके बाद उन्हें बिना बालों वाले चूहे के चमड़े पर प्रत्यारोपित कर दिया। बाद में पाया गया कि चूहे के शरीर पर बालों का बनना जारी रहा और पुराने बालों के गिर जाने के बाद बालों के बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया शुरू हो गई।

जब स्टेम सेल से टिश्यू या अंग बनाए जाते हैं तो उन्हें भ्रूण से निकालने की जरूरत होती है। लेकिन प्रोफेसर त्सूजी और उनकी टीम के रिसर्चरों ने पाया है कि बालों के रोम वयस्क स्टेम सेलों से भी बनाए जा सकते हैं।

नए शोध पर जारी बयान में कहा गया है, 'हमारी वर्तमान स्टडी न सिर्फ बालों को फिर से उगाने की थेरेपी की संभावना दिखाती है बल्कि वयस्क सोमेटिक स्टेम सेल के इस्तेमाल के जरिए बायोइंजीनियरिंग से बनाए गए अंगों के प्रत्यारोपण की संभावना भी।'

नई और अब तक उपलब्ध तकनीकी को एक दूसरे से मिलाने से गंजेपन के इलाज को सुधारने में मदद मिलेगी। भविष्य में अपना खोया हुआ बाल वापस पाने के लिए लोग संभवतः अपनी ही कोशिकाओं का प्रत्यारोपण के लिए उपयोग कर पाएंगे।

टीम के एक रिसर्चर कोह-आई तोयोशीमा ने कहा है, 'हम तीन से पांच साल के अंदर क्लीनिकल रिसर्च शुरू करना चाहते हैं, ताकि एक दशक के अंदर आम मरीजों का सही इलाज शुरू हो सके।' इस स्टडी को विज्ञान पत्रिका नेचर कम्युनिकेशन ने ऑनलाइन संस्करण में छापा है।

- एमजे/एनआर (एएफपी)

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