2014 में चली थी मोदी लहर, अब विपक्षी पार्टियों पर चल रहा है मोदी कहर

अवनीश कुमार

रविवार, 7 अप्रैल 2019 (20:29 IST)
कानपुर। उत्तरप्रदेश के कानपुर में रायपुरवा के रामलीला मैदान में भाजपा प्रत्याशी सत्यदेव पचौरी के समर्थन में रविवार को अनुसूचित मोर्चे के विजय संकल्प सम्मेलन में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा पूरे तीन घंटे लेट पहुंचे।
 
तेज धूप में तीन घंटे से इंतजार कर रहे लोगों के सामने डिप्टी सीएम ने तुरंत माइक संभाला और केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाने से लेकर विपक्ष पर खूब शब्दबाण चलाए।
 
उन्होंने कहा कि देश में विपक्षी पार्टियों के ऊपर मोदी का कहर बरप रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार कांग्रेस का यूपी में खाता नहीं खुलेगा और उसके लिए अस्तित्व बचाना मुश्किल होगा। सपा-बसपा आपस में लड़ रही हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि कुंभ के बाद सफाईकर्मियों के पांव धोकर पीएम ने देश का मान बढ़ाया है, तो वही विपक्ष पर जमकर निशाना साधते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी इतना डर गए हैं कि वे भागकर केरल के वायनाड पहुंच गए हैं।
मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता और न ही कोई हर्ज है कि कौन कहां से चुनाव लड़ता है, लेकिन वे मोहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ मिलकर देश को डराना चाहते हैं। नामांकन जुलूस में हरा झंडा लहराकर वे दिखाना क्या चाहते हैं।
 
भाजपा हिन्दू-मुसलमान की बात नहीं करती। हम सबका साथ, सबका विकास की नीति पर चलते हैं। अगर विपक्ष के घोषणा पत्र की बात करें तो अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि फलां रेजीमेंट बना देंगे धारा 370 को मजबूत करेंगे।
 
अरे भाई, लोकसभा की मात्र 38 सीटों पर समाजवादी पार्टी चुनाव लड़ रही है और अखिलेश यादव बातें बड़ी-बड़ी करते हैं। कितनी सीटें जीतकर आएंगे, यह भी नहीं पता है। यह तो वही बात हुई कि न नौ मन तेल होगा और न राधा नाचेगी।
 
महागठबंधन अब खत्म होकर केवल गठबंधन रह गया है, लेकिन वह भी अब टूट रहा है। सपा के लोग बसपा को हराने के लिए और बसपा के लोग कांग्रेस के लिए आपस में एक-दूसरे को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं। वे डरे हुए हैं और वे सभी मिलकर भी बीजेपी का सामना नहीं कर सकते हैं।
 
उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि 2014 में पूरे देश में मोदी लहर चली थी, इस बार विपक्षियों के लिए मोदी कहर चल रहा है।
 
इसलिए आप सभी लोग चुनाव में सारे शिकवे भुला कर अपने उम्मीदवार के पक्ष में जी जान से जुट जाएं। यह चुनाव उम्मीदवार जिताने का नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों में देश के विकास की बागडोर सौंपने की खातिर सच्चे मन से पूरे प्रयत्न की आवश्यकता है।

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