उज्जैन लोकसभा चुनाव 2019 परिणाम

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प्रमुख प्रतिद्वंद्वी : अनिल फिरोजिया (भाजपा), बाबूलाल मालवीय (कांग्रेस)
 
भाजपा ने उज्जैन में वर्तमान सांसद प्रो. चिंतामणि मालवीय को टिकट न देकर अनिल फिरोजिया को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने बाबूलाल मालवीय को मैदान में उतारा है। इस बार उज्जैन में कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। 
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परिचय : मध्यप्रदेश का एक प्रमुख शहर है उज्‍जैन, जो क्षिप्रा नदी के किनारे बसा है। यह एक अत्यंत प्राचीन शहर है। उज्‍जैन या उज्जयिनी की ऐतिहासिकता का प्रमाण ई. सन् 600 वर्ष पूर्व मिलता है। उज्जैन मंदिरों की नगरी है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में एक महाकाल यहां स्थित हैं। कालभैरव, सांदिपनी आश्रम, हरसिद्धी माता, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा आदि यहां के प्रमुख दर्शनीय और धार्मिक स्थल हैं। 
 
जनसंख्‍या : 2011 की जनगणना के अनुसार उज्‍जैन की जनसंख्‍या 6 लाख 44 हजार 758 है। हालांकि एक अनुमान के मुताबिक यहां की जनसंख्‍या 19 लाख है। 
 
अर्थव्यवस्था : यहां कोई बड़ी कंपनी, कारखाना या उद्योग नहीं है। एक कपड़ा मिल थी, जो वर्षों पूर्व बंद हो चुकी है। यही कारण है कि उज्जैन की बड़ी अर्थव्यवस्था महाकाल और यहां के दूसरे मंदिर ही हैं। होटल से लेकर ट्रांसपोर्ट तक और रेस्तरां से लेकर बाकी सभी कारोबार मंदिर की वजह से ही चलते हैं। 
 
भौगोलिक स्थिति : उज्जैन ऐतिहासिक क्षिप्रा नदी के किनारे समुद्र तल से 1678 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। नगर का तापमान और वातावरण समशीतोष्ण है। मध्यप्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर से इसकी दूरी 55 किलोमीटर है। यह मध्यप्रदेश का पांचवां सबसे बड़ा शहर है, जिसकी नगर निगम सीमा का क्षेत्रफल 93 वर्ग किलोमीटर है। 
 
16वीं लोकसभा में स्थिति : उज्जैन लोकसभा सीट पर भाजपा की पकड़ रही है। इस सीट पर कांग्रेस ने शुरुआत में जीत हासिल की, लेकिन उसके बाद वह लगातार यहां पर कमजोर होती गई। यहां लोकसभा सीट पर भाजपा के सत्यनारायण जटिया ने सबसे ज्यादा बार जीत हासिल की है। वे 7 चुनावों में यहां से विजयी रहे हैं। वर्तमान में भाजपा के प्रो. चिंतामणि मालवीय सांसद हैं।
 
मध्यप्रदेश के बारे में : मध्यप्रदेश में लोकसभा की कुल 29 सीटें हैं। यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है। दोनों ही पार्टियां सभी 29 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। दिग्विजय सिंह, अजय सिंह, नकुलनाथ, प्रज्ञा ठाकुर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, नंदकुमार चौहान, अरुण यादव जैसे दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। 2014 के चुनाव में भाजपा को 27 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं। झाबुआ-रतलाम सीट कांग्रेस ने उपचुनाव में जीती थी।
 
 

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