अयोध्या में राममंदिर के बाद अब मध्यप्रदेश में बनेंगे रामतीर्थ, तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होंगे ये स्थान!

विकास सिंह

गुरुवार, 4 जनवरी 2024 (11:54 IST)
भोपाल।अयोध्या में 22 जनवरी को राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर जहां एक ओर मध्यप्रदेश सरकार जोर-शोर से तैयारी में जुटी है, वहीं अब मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के उन स्थानों को रामतीर्थ के रूप में विकसित करेगी  जहां-जहां भगवान श्रीराम के चरण पड़े थे।

जबलपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्री राम के वनवास का सबसे अधिक समय हमारे मध्यप्रदेश के चित्रकूट सतना व अन्य स्थानों पर बीता है। जहां-जहां भगवान श्रीराम के चरण पड़े हैं उन स्थानों को मध्यप्रदेश सरकार तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करेगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि जबलपुर के नर्मदा में अयोध्या और हरिद्वार की तर्ज पर घाट बनाए जाएंगे। इसके साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में अयोध्या में भगवान श्री रामलला के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा हो रही है। सभी लोग उस दिन अयोध्या नहीं जा सकते, इसलिए उस दिन जो जहां रहे वहीं उत्सव मनाए। यह उत्सव मनाने का दिन है। भाजपा सरकार अयोध्या जाने वाले रामभक्तों को राज्य की सीमा और अन्य स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत करेगी। 22 जनवरी को सरकार प्रदेश के सभी बड़े मंदिरों में रोशनी और साज-सज्जा कराएगी।

गौरतलब है कि भगवान श्री राम अपने वनवास काल में मध्यप्रदेश में करीब 10 स्थानों से गुजरे थे। इसमें भगवान राम का लंबा समय चित्रकूट में गुजरा था। महाकवि  तुलसीदास की रामायण में भी भगवान राम के चित्रकूट में 11 वर्ष 11 माह का समय बिताने का उल्लेख भी मिलता है।

मध्यप्रदेश की पूर्ववर्ती शिवराज सरकार ने 'श्री रामचंद्र पथ-गमन न्यास' का गठन किया था, जो राम वन गमन पथ  के निर्माण में होने वाले विकास कार्यों की देखरेख करेगा। प्रदेश के 10 जिलों सतना,विदिशा,होशंगाबाद, जबलपुर, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, पन्ना, उमरिया और रीवा का चयन 'राम वन गमन पथ' के लिए किया गया है।

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