आधिकारिक जानकारी के अनुसार ग्राम चिरई डोंगरी निवासी लक्ष्मी झारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नर्मदा किनारे की शराब की दुकानें हटाने के फैसले के लिए मेरे पास शब्द नहीं है। हमारे गांव की महिलाएं उनके इस निर्णय से इतनी खुश हैं कि वे बार-बार उन्हें आशीर्वाद दे रही हैं। यह बहुत बड़ा कदम है। इसी गांव के लाल जैन ने कहा कि अब हमारे गाँव का माहौल बहुत बढ़िया रहता है।
आस-पास के आदिवासी ग्राम हनिमंता गाडर, सहजनी, बिजे गांव और गुर्जर सारी से आए हुए नवयुवकों ने भी मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में फैली नशे की बुराई को जल्द से जल्द खत्म करना होगा। नवयुवकों ने कहा कि आदिवासी वर्ग अब शिक्षित किया जा रहा है जिससे उनमें भी जागरूकता आई है।
ग्वारी गांव के अजमेरसिंह मेरावी ने भी शराब बंदी का समर्थन किया। साथ में स्वच्छता अभियान पर भी अपनी राय व्यक्त की और कहा कि हमारे गांव में अब हर घर में शौचालय है और उसका उपयोग भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की नर्मदा किनारे फलदार वृक्ष लगाने की योजना से भी उत्साह का माहौल बना हुआ है। (वार्ता)