श्रीलंका के नवनियुक्त विदेश मंत्री शपथ के छह दिन बाद 18 जनवरी को भारत आएंगे

मंगलवार, 13 जनवरी 2015 (22:55 IST)
-शोभना जैन
 
नई दिल्ली। श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मैत्रीपाला श्रीसेना के निर्वाचित होते ही अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुने जाने और अगले माह भारत की 'राजकीय यात्रा' पर आने के संकेतों के बीच श्रीलंका के नवनियुक्त विदेश मंत्री मंगला समरवीरा भी आगामी 18 जनवरी को भारत यात्रा पर आ रहे हैं। 
 
समरवीरा ने कल ही विदेश मंत्री पद की शपथ ली थी और शपथ लिए जाने के मात्र छह दिन बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर वे भारत आ रहे हैं। राष्ट्रपति मैत्रीपाला के भी अगले माह  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत यात्रा पर आने के संकेत हैं। 
 
राष्ट्रपति मैत्रीपाला की कार्यभार संभालने के बाद उनकी यह पहली विदेश यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव में मिली जीत पर मैत्रीपाला श्रीसेना को बधाई देते हुए उन्हें भारत आने का न्योता दिया था।
 
प्रेक्षकों के अनुसार श्रीलंका के नए नेतृत्व द्वारा अपनी पहली विदेश यात्राओं के लिए भारत को चुना जाना निश्चय ही भारत और श्रीलंका के बीच नए प्रगाढ़ रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रीलंका की नई सरकार की ये सकारात्मक पहल दोनों देशों के बीच रिश्तों की नई परिभाषा की परिचायक हो सकेगी।
 
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कल समरवीरा के शपथ लिए जाने के फौरन बाद उन्हें फोन कर बधाई दी और भारत आने का निमंत्रण दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने एक ट्वीट कर यह जानकारी देते हुए लिखा कि समरवीरा आगामी 18 जनवरी को भारत आएंगे। 
 
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विदेश मंत्रालय की तरफ से इस आशय का औपचारिक निमंत्रण श्रीलंका सरकार को भेज दिया गया है। समरवीरा ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है तथा वे विदेश मंत्री सुषमा के साथ विचार-विमर्श के लिए 18 जनवरी को भारत आ रहे हैं।
 
समझा जाता है कि इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने पर विशेष चर्चा के साथ राष्ट्रपति मैत्रीपाला की भारत यात्रा के दौरान भारतीय नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श के मुद्दों को भी चिन्हित किए जाने की उम्मीद है।
 
समरवीरा पहले भी विदेश मंत्री रह चुके हैं। राष्ट्रपति श्रीसेना की 27 सदस्यीय केबिनेट ने कल ही शपथ ग्रहण की थी। गौरतलब है कि राष्ट्रपति श्रीसेना के विजयी होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 9 जनवरी को श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव में मिली जीत पर बधाई देते हुए उन्हें भारत आने का न्योता दिया था। 
 
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में लिखा, 'आपकी ऐतिहासिक जीत श्रीलंका को लेकर आपके दृष्टिकोण और बदलाव चाहने वाली जनता के साथ जुड़ने की आपकी क्षमता को दर्शाती है। मैं हमारी जनता और हमारे क्षेत्र के लाभ के लिए हमारे संबंध को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए आपके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हूं।'
 
गौरतलब है कि मैत्रीपाला ने पहले दिन ही सद्‍भाव के तौर पर 'बहुत जल्द' 15  भारतीय मछुआरों को रिहा करने का आदेश दिया, जिसे श्रीलंका की नई सरकार के साथ भारत के साथ रिश्तों की शुरुआत के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। 
 
सरकार के प्रवक्ता रजित सेनारत्ने ने यह जानकारी देते हुए राष्ट्रपति श्रीसेना के अगले माह भारत आने का संकेत दिया था। बाद में श्रीलंका सरकार की तरफ से राष्ट्रपति मैत्रीपाला के निमंत्रण स्वीकार किए जाने की घोषणा की गई। (वीएनआई)

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