TCS नासिक केस : ऑफिस में छेड़छाड़ और दबाव के आरोप, पीड़िताओं ने खोला पूरा सच, निदा खान पर चौंकाने वाले दावे

वेबदुनिया न्यूज़ टीम

सोमवार, 20 अप्रैल 2026 (17:13 IST)
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नासिक यूनिट में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के प्रयासों के मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। नई जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी केवल दफ्तर ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी महिला कर्मचारियों का पीछा करते थे और उन्हें प्रताड़ित कर  रहे थे। महिला कर्मचारियों ने पुलिस को आपबीती सुनाई।
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महाराष्ट्र पुलिस टेक्निकल एक्सपर्ट्‍स की मदद ले रही है ताकि आरोपियों के फोन से डिलीट किए गए डेटा और चैट लॉग्स को रिकवर किया जा सके। इसे मामले को सुलझाने के लिए सबसे अहम सबूत माना जा रहा है। नासिक टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) धर्मांतरण मामले में HR मैनेजर निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है।
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शरीर छूने के बहाने और ताने

एक महिला कर्मचारी ने सहकर्मियों पर 'प्लेयर', 'जीरो फिगर' जैसे ताने देने और हिन्दू देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया। पीड़िता ने एक अन्य सहकर्मी आसिफ पर भी गंभीर अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं जिसमें शारीरिक स्पर्श और आपत्तिजनक टिप्पणियां शामिल हैं। एक पीड़िता ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान रजा नाम का सहकर्मी उसकी साड़ी खींचने की कोशिश कर रहा था। 
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NHRC का कड़ा रुख

इस पूरे विवाद पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कंपनी के शीर्ष अधिकारियों और राज्य पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आयोग ने महाराष्ट्र और नासिक जिले के पुलिस प्रमुखों को मामले की गहराई से जांच करने और विस्तृत 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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सोशल मीडिया से बिछाया जाल 

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने पीड़िताओं को निशाना बनाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। जांच अधिकारी फिलहाल आरोपियों द्वारा पीड़िताओं और अन्य महिला सहकर्मियों को भेजे गए आपत्तिजनक वीडियो, अश्लील कमेंट्स और बातचीत के रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इन वारदातों के पीछे किसी विशेष धार्मिक एजेंडे को अंजाम देने का मकसद था।
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निदा खान को लेकर नया खुलासा  

मामले की मुख्य आरोपियों में से एक निदा खान के बारे में भी नया तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह खुद भी कट्टरपंथ का शिकार हुई थी, जिसके बाद उसने अपनी हिन्दू महिला सहयोगियों से दोस्ती कर उन्हें अन्य आरोपियों से मिलवाया। पहले की रिपोर्ट्स में उसे HR विभाग की प्रमुख बताया गया था, लेकिन TCS ने स्पष्ट किया है कि निदा खान HR हेड नहीं थी, बल्कि वह एक जूनियर स्तर की कर्मचारी थी।
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फरार है निदा खान, जमानत याचिका खारिज

निदा खान फिलहाल फरार है और उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की है। उधर, टीसीएस ने भी निदा खान को निलंबित कर दिया है। उनके परिवार ने दावा किया है कि निदा खान तीन महीने की गर्भवती है। नासिक कोर्ट ने सोमवार को निदा खान को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और चल रही जांच को देखते हुए खान की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।  Edited by : Sudhir Sharma

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