क्या है छत्तीसगढ़ में भूख से सामूहिक आत्महत्या का सच? BJP ने राज्यपाल से उच्च स्तरीय जांच की मांग की

सोमवार, 10 अप्रैल 2023 (17:43 IST)
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर में पहाड़ी कोरवा परिवार की सामूहिक आत्महत्या के मामले में भाजपा के सांसद-विधायकों ने सोमवार को राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन से भेंट की। दल ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपकर नेताओं ने कहा कि पहाड़ी कोरवा परिवार की भूख से मौत हुई थी। उन्होंने इसे लेकर राज्य सरकार पर आरोप भी लगाए। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ 20 साल पीछे चला गया है।
 
क्या था पूरा मामला : जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के सामरबार गांव में 2 अप्रैल को पहाड़ी कोरवा के परिवार के 4 लोगों की फंदे से लटकती हुई लाश मिली थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साव ने जांच समिति बनाई थी। जिसमें नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, वरिष्ठ आदिवासी नेता रामविचार नेताम, कृष्णकुमार राय, सरगुजा संभाग प्रभारी संजय श्रीवास्तव, सुनील गुप्ता और रायमुनि भगत थे। जांच समिति ने 7 अप्रैल को सामरबार गांव का दौरा किया था।
 
क्या आया रिपोर्ट में : फरवरी महीने से पहाड़ी कोरवा परिवार को केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले अतिरिक्त चावल का आवंटन नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने के बाद आवास नहीं मिला।

गांव में पीने का पानी उपलब्ध नहीं है। डेढ़ किलोमीटर दूर एक हैंडपंप से पीने का पानी पीते हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। पहाड़ी कोरवा परिवार की सामूहिक आत्महत्या के पीछे भूख और गरीबी ही कारण है।

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