न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने अंकिता अधिकारी को निर्देश दिया कि वह नवंबर 2018 से अभी तक प्राप्त वेतन की पूरी राशि 2 किस्तों में रजिस्ट्रार के पास जमा कराएं। उच्च न्यायालय एक अभ्यर्थी द्वारा दायर उस याचिका की सुनवाई कर रहा था जिसमें दावा किया गया था कि भर्ती परीक्षा में अधिकारी की बेटी के मुकाबले ज्यादा अंक लाने के बावजूद उसे नौकरी नहीं दी गई। गौरतलब है कि बेटी की गैरकानूनी तरीके से भर्ती को लेकर आज दिन में पूछताछ के लिए मंत्री सीबीआई के दफ्तर पहुंचे थे।