मराठा आंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी, पथराव, गोलीबारी...
मुंबई। आरक्षण की मांग कर रहे मराठा क्रांति मोर्चा के बुधवार को मुंबई, ठाणे, रायगढ़, सतारा, नासिक, नवी मुंबई और पालघर में बंद के दौरान कई जगह हिंसक वारदातें हुई और आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी। हिंसा में एक पुलिसकर्मी के मारे जाने की भी खबर है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आंदोलनकारियों की हरकतों से सतारा के पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल को मामूली चोटें आई हैं तथा नवी मुंबई के कलंबोली में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्होंने कहा कि कलंबोली में एकत्र प्रदर्शनकारियों ने मुंबई-गोवा और मुंबई-पुणे राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया।
अधिकारी ने कहा कि इसके बाद भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में दो पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े।
अधिकारी ने कहा कि वाशी, खारघर, कलंबोली और पलास्पे में प्रदर्शनों के कारण मुंबई से पुणे और गोवा जाने वाले वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ। पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल ने कहा कि सतारा जिले में, पुलिस ने बॉम्बे रेस्टोरेंट चौक पर मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग अवरुद्ध करने और पुलिस पर पथराव करने वालों पर लाठीचार्ज किया। आरक्षण समर्थक प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
सतारा में नाराज प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों में आग लगा दी। इस बीच, ठाणे और वाशी के बीच लोकल ट्रेन सेवाएं दोपहर के समय एक घंटे से अधिक समय तक प्रभावित रहीं क्योंकि घनसोली स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोक दीं। प्रदर्शनकारियों ने रायगढ़ जिले में पनवेल के पलास्पे के पास भी मुंबई-गोवा राजमार्ग अवरुद्ध कर दिया था।