पप्पू यादव के बेडरूम बयान पर मचे विवाद के एक दिन बाद बुधवार को उन्होंने सफाई देते हुए एक और विवादित टिप्पणी कर दी। इससे सियासी हलचल और तेज हो गई। अपने पुराने बयान का बचाव करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि 70 से 80 प्रतिशत राजनेता पोर्न देखते हैं। इससे पहले पूर्णिया में मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव ने नेताओं पर महिलाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि था सभी नेताओं की महिलाओं पर गिद्ध दृष्टि रहती है।
उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को राजनीति में नहीं आना चाहिए। सांसद ने आरोप लगाया कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने के लिए बेडरूम से होकर गुजरना पड़ा है। उनका कहना था कि आज सभी वर्ग की महिलाओं का शोषण हो रहा है।
बिहार राज्य महिला आयोग द्वारा नोटिस भेजे जाने पर उन्होंने कहा कि मैंने यह बात सदन में भी कही है कि 70-80 प्रतिशत नेता पोर्न देखते हैं। अगर जांच करनी है तो सभी की की जाए। अगर मेरे फोन में पोर्न है तो मेरी भी जांच कर लें। मुझे नोटिस देने वाले कौन हैं? उन्होंने आगे कहा कि जो लोग कांच के घरों में रहते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए।
इससे पहले मंगलवार को दिए गए बयान में पप्पू यादव ने राजनीति में महिलाओं के सम्मान पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि भारत में महिलाओं को देवी कहा जाता है, लेकिन राजनीति में उन्हें कभी सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने आरोप लगाया था कि समाज और सिस्टम महिलाओं के शोषण के लिए जिम्मेदार हैं और राजनीति में आने वाली महिलाओं को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
उनके इस बयान के बाद कई राजनीतिक दलों और नेताओं ने इसे महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बताते हुए कड़ी आलोचना की। मामले का संज्ञान लेते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव से जवाब मांगा है। आयोग ने कहा कि उनके बयान से महिलाओं की गरिमा और आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। आयोग ने यह भी पूछा है कि उनके खिलाफ लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश क्यों न की जाए। Edited by: Sudhir Sharma