महाशिवरात्रि परम कल्याणकारी व्रत है जिसके विधिपूर्वक करने से व्यक्ति के दुःख, पीड़ाओं का अंत होता है और उसे इच्छित फल की प्राप्ति होती है। पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, धन, सौभाग्य, समृद्धि व आरोग्यता प्राप्त होती है। पूजन करने वाला मोक्ष को प्राप्त करने के योग्य बन जाता है। महाशिवरात्रि का व्रत प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष चतुदर्शी तिथि 20 फरवरी 2012 को है।
इस बार महाशिवरात्रि सोमवार को पड़ने से अत्यंत शुभ मानी जा रही है। सोमवार शिव जी का ही दिन होता है और उस दिन की महाशिवरात्रि अत्यंत शुभ संकेत लेकर आ रही है। शिवजी का मूल मंत्र जो संस्कृत के 5 शब्दों से मिलकर बना है, सब मंत्रों में शुभ व पवित्र माना जाता है। व्रत रखने वाले व्यक्तियों को शिव-मंत्र का उच्चारण अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से अनेक प्रकार की सात्विक और पवित्र ऊर्जा का शरीर में समावेश होता है।
प्राचीन शिव पंचाक्षरी मंत्र इस प्रकार है - नागेन्द्रहराय त्रिलोचनाय भास्मंगारागाय महेश्वराय नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै 'न'काराय नमः शिवाय ।।1।।