कुंभ राशि में सूर्य का गोचर 13 फरवरी 2026 को हो रहा है। यहां पहले से विराजमान राहु का उनके साथ युति संयोग होगा। इसे ग्रहण योग कहते हैं। यह योग 15 मार्च तक रहेगा। ग्रहण योग में ही सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को होगा। इसका अर्थ है कि महाशिवरात्रि और होली मनाई जाएगी। ऐसे में जानिए कि महाशिवरात्रि पर किस काल में पूजा नहीं करें, तो फिर पूजन का सही समय क्या है?
चतुर्दशी तिथि समाप्त- 16 फरवरी 2026 को 05:34 पीएम बजे
शिवरात्रि पारण समय- 16 फरवरी सुबह 06:59 से दोपहर 03:24 के बीच।
सांध्य पूजा का समय: राहु काल के बाद से 7:28 तक।
अमृत चौघड़िया: रात्रि 07:47 से 09:23 के बीच।
पूजा का निशिथ काल समय: मध्यरात्रि 12:09 AM से 01:00 AM (16 फरवरी की शुरुआत) तक।