21 April 2026 Today Shubh Muhurat : क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 21 अप्रैल, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।ALSO READ: Saint Surdas Jayanti: संत सूरदास कौन थे, जानें उनके जीवन की 5 अनसुनी बातें
तिथि: चतुर्थी - सुबह 05:15 एएम तक (22 अप्रैल), उसके बाद पंचमी।
मास: वैशाख (शुक्ल पक्ष)।
वार: मंगलवार।
नक्षत्र: रोहिणी - दोपहर 01:54 पीएम तक, उसके बाद मृगशिरा।
योग: शोभन - रात 03:25 एएम (22 अप्रैल) तक, उसके बाद अतिगण्ड।
करण: वणिज - शाम 04:53 पीएम तक, फिर विष्टि (भद्रा)।
चंद्र राशि: वृषभ - रात 02:27 एएम (22 अप्रैल) तक, उसके बाद मिथुन।
सूर्य राशि: मेष (उच्च राशि में)।
आज के शुभ और अशुभ समय
अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ)-11:41 एएम से 12:33 पीएम
अमृत काल- 10:41 एएम से 12:22 पीएम
ब्रह्म मुहूर्त-04:09 एएम से 04:57 एएम
राहुकाल (अशुभ समय)-03:33 पीएम से 05:09 पीएम
यमगण्ड- 09:08 एएम से 10:44 एएम
गुलिक काल-12:20 पीएम से 01:57 पीएम
आज के मुख्य उत्सव और महत्व:
शंकराचार्य जयंती: आज अद्वैत वेदांत के प्रणेता जगद्गुरु आदि शंकराचार्य जी की जयंती है। आज धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना और गुरु दर्शन करना अत्यंत शुभ होता है।
सूरदास जयंती: हिंदी साहित्य के महान कवि और कृष्ण भक्त सूरदास जी की जयंती भी आज ही है। भगवान कृष्ण की आराधना के लिए आज का दिन विशेष है।
वैशाख विनायक चतुर्थी: भगवान गणेश को समर्पित यह तिथि विघ्नों को दूर करने वाली मानी जाती है। आज दोपहर के समय गणेश जी की पूजा करना और उन्हें दूर्वा व मोदक अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है।
अंगारकी चतुर्थी का संयोग: मंगलवार के दिन चतुर्थी होने से इसे अंगारकी विनायक चतुर्थी का पुण्य फल प्राप्त होता है। यह योग कर्ज से मुक्ति और शत्रुओं पर विजय के लिए अचूक माना जाता है।
रोहिणी नक्षत्र: दोपहर तक चंद्रमा के सबसे प्रिय नक्षत्र 'रोहिणी' का प्रभाव रहेगा, जो धन वृद्धि और पारिवारिक सुख के लिए उत्तम है।