2024 Lok Sabha Elections: ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के भरोसे मैदान में उतरेगी सपा, अखिलेश तैयार कर रहे मास्टर प्लान

अवनीश कुमार

गुरुवार, 4 अगस्त 2022 (14:58 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश में जहां लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं तो वहीं समाजवादी पार्टी अंतरकलह से अभी भी लड़ रही है। लेकिन इन सबके बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी को मजबूत करने में जुट गए हैं।
 
पार्टी सूत्रों की मानें तो समाजवादी पार्टी के अंदर अंतरकलह होने के बावजूद अखिलेश यादव नई ऊर्जा के साथ 2024 का चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसे लेकर उन्होंने सबसे बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है और इस मास्टर प्लान के तहत समाजवादी पार्टी बगैर किसी बड़े दल के साथ गठबंधन किए बगैर ही मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
 
पार्टी सूत्र बताते हैं कि समाजवादी पार्टी को नए कलेवर और नई सोच के साथ अखिलेश यादव तैयार करने में जुटे हैं और जिसके तहत ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी देने की वे तैयारी कर रहे हैं और समाजवादी पार्टी के साथ शामिल छोटे दलों के अध्यक्षों से मुलाकात कर 2024 की कार्ययोजना पर भी काम कर रहे हैं।
 
बताया जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में साफ छवि वाले नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी भी है जिसको लेकर उत्तरप्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर किस-किसको चुनावी मैदान में उतारना है। इस पर भी अभी से काम शुरू हो गया है, साथ ही जाति समीकरण को भी देखते हुए अलग से चुनावी मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
 
क्या कहते हैं वरिष्ठ पत्रकार आरपी वर्मा?: अखिलेश के मास्टर प्लान को लेकर वरिष्ठ पत्रकार आरपी वर्मा की मानें तो 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं लेकिन सर्वाधिक मेहनत की जरूरत समाजवादी पार्टी को है, क्योंकि विधानसभा चुनाव 2022 के बाद पार्टी के अंदर बेहद तेजी के साथ उठापटक देखने को मिल रही है। इसके चलते कई बड़े नेता समाजवादी पार्टी को छोड़कर जा चुके हैं।
 
वे आगे कहते हैं कि सही मायने में कहा जाए तो अखिलेश यादव के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है जिसको लेकर अगर वे कोई मास्टर प्लान तैयार कर रहे हैं तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। और अब रही नई समाजवादी पार्टी की बात तो वक्त के हिसाब से समाजवादी पार्टी में भी परिवर्तन होना बेहद जरूरी है और अगर ऐसा करने में अखिलेश यादव कामयाब होते हैं तो निश्चित तौर पर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों में काफी टक्कर देखने को मिलेगी।

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