- वैल्यू चेन क्षमता, लॉजिस्टिक्स, एक्सप्रेस-वे और कनेक्टिविटी से लागत में आएगी कमी
- संतुलित क्षेत्रीय विकास, पूर्वांचल से बुंदेलखंड तक विकास की समान रफ्तार
- प्रदेश अब श्रम आधारित उद्योग से टेक-सपोर्टेड उत्पादन मॉडल की ओर
Uttar Pradesh News : योगी सरकार ने प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में अपने विकास मॉडल के कोर ड्राइवर्स (आधारभूत कारकों) को स्पष्ट रूप से सामने रखा है। इस मामले में सरकार की रणनीति मैन्युफैक्चरिंग, वैल्यू चेन क्षमता, टेक इनेबल्ड वृद्धि, निवेश और संतुलित क्षेत्रीय विकास पर केंद्रित है। इन 5 स्तंभों के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने का काम किया जा रहा है। प्रदेश अब श्रम आधारित उद्योग से टेक-सपोर्टेड उत्पादन मॉडल की ओर जा रहा है। निर्यात उन्मुख उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है।
बड़े पैमाने पर होगा रोजगार सृजन
मैन्युफैक्चरिंग को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार माना गया है। औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर के विस्तार से उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और निर्यात में वृद्धि होगी।
कृषि और पर्यटन को भी विकास के प्रमुख इंजन के रूप में चिह्नित किया गया है। कृषि क्षेत्र में तकनीकी जानकारी देने और वैल्यू एडिशन पर जोर दिया जा रहा है, जबकि पर्यटन में धार्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Edited By : Chetan Gour