एकादशी के अवसर पर हजारों श्रद्धालु वृंदावन की परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। परिक्रमा मार्ग यमुना किनारे के मार्गों से होकर गुजरती है, लेकिन इस समय केशी घाट क्षेत्र में जलस्तर इतना बढ़ चुका है कि श्रद्धालु कमर तक पानी में होकर गुजरने को मजबूर हैं। हालात ये हैं कि न तो प्रशासन की ओर से अब तक जलमग्न इलाकों में किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है और न ही श्रद्धालुओं को सचेत करने के लिए जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन की लापरवाही और श्रद्धालुओं की असावधानी मिलकर एक बड़े हादसे को न्योता दे रही है। इसके चलते स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जलमग्न इलाकों को तत्काल चिन्हित कर वहां बैरिकेडिंग की जाए, श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग से ले जाने की व्यवस्था की जाए और असुरक्षित घाटों पर स्नान पर रोक लगाई जाए। अगर समय रहते ऐतिहात की दृष्टि से कदम नहीं उठाए गया तो श्रद्धा और आस्था का यह उत्सव एक त्रासदी में बदल सकता है। Edited by : Sudhir Sharma