याद रखें यह 5 वास्तु मंत्र, हर संकट का होगा अंत

* वास्तु के अनुसार घर में पेड़-पौधे लगाने पर वे मानसिक शांति देते हैं। ये ध्वनि और विकिरणों को भी ग्रहण कर लेते हैं। ऐसा ही एक पौधा है मनीप्लांट जिसे किसी कोने में लगाकर उस जगह की उदासीनता (नकारात्मक ऊर्जा) को कम किया जा सकता है।
 
* अपना निवास, कारखाना, व्यावसायिक परिसर अथवा दुकान के ईशान कोण में उस परिसर का कचरा अथवा जूठन नहीं रखना चाहिए। 
 
* स्वच्छता के लिए निर्धारित मशीनरी उपकरण तथा झाडू को भी ईशान कोण में नहीं रखना चाहिए। इससे परिसर में आपसी तनाव एवं मतभेद होने लगेंगे। हताशा की भावना आ सकती है। संतुष्टि तथा प्रगति के लिए ईशान कोण स्वच्छ एवं आकर्षक रखना चाहिए।
 
* दुकान या शोरूम में ग्राहकों की आवक बढ़ाने के लिए ध्यान रखें कि दुकान पूर्वमुखी हो तो प्रवेश करने की सीढ़ियां ईशान कोण में हों। यदि पश्चिममुखी है तो पश्चिमी भाग से उत्तर की ओर अर्थात वायव्य दिशा की तरफ सीढ़ियां होनी चाहिए। 
 
* नैऋत्य के स्थान पर आग्नेय कोण अर्थात दक्षिण-मध्य से पूर्व की तरफ के कोण में दुकान में प्रवेश करने के लिए सीढ़ी रखनी चा‍हिए। उत्तर दिशा का मुंह होने पर ईशान एवं वायव्य दोनों तरफ दुकान में प्रवेश करने की सीढ़ी रखी जा सकती है, इससे बिक्री बढ़ेगी। 

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