Weekly muhurat 2024: साप्ताहिक पंचांग के शुभ मुहूर्त, जानें 05 से 11 फरवरी तक

Weekly Muhurat 05 to 11 February 2024 : नववर्ष 2024 के फरवरी माह के चौथे सप्ताह के इस साप्ताहिक मुहूर्तों की कड़ी में आपके लिए यहां प्रस्तुत हैं 05 फरवरी से 011 फरवरी तक साप्ताहिक पंचांग कैलेंडर मुहूर्त। जहां आप जानेंगे शुभ मुहूर्त, ग्रह परिवर्तन, खास विशेष, व्रत-त्योहार से जुड़ी हर जानकारी एक साथ। 
 
(साप्ताहिक मुहूर्त : 05 फरवरी से 11 फरवरी 2024 तक)
 
05 फरवरी 2024, सोमवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2080, शक संवत्-1945, हिजरी सन्-1444, ईस्वी सन्-2023
संवत्सर नाम-पिंगल
अयन-उत्तरायण
मास-माघ
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-शिशिर
वार-सोमवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-दशमी
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-अनुराधा
योग (सूर्योदयकालीन)-ध्रुव
करण (सूर्योदयकालीन)-विष्टि
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मकर
शुभ समय- 6:00 से 7:30 तक, 9:00 से 10:30 तक, 3:31 से 6:41 तक
राहुकाल-प्रात: 7:30 से 9:00 बजे तक  
दिशा शूल-आग्नेय 
योगिनी वास-उत्तर नैऋत्य
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-वृश्चिक
व्रत/मुहूर्त-भद्रा/सर्वार्थसिद्धि योग/मंगल गोचर
यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें। 
आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
आज का उपाय-किसी मंदिर में सवा किलो चावल चढ़ाएं।
वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

06 फरवरी 2024, मंगलवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2080, शक संवत्-1945, हिजरी सन्-1444, ईस्वी सन्-2023
संवत्सर नाम-पिंगल
अयन-उत्तरायण
मास-माघ
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-शिशिर
वार-मंगलवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-एकादशी
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-ज्येष्ठा
योग (सूर्योदयकालीन)-व्याघात
करण (सूर्योदयकालीन)-बालव
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मकर
शुभ समय-10:46 से 1:55, 3:30 5:05 तक
राहुकाल- दोप. 3:00 से 4:30 बजे तक
दिशा शूल-उत्तर 
योगिनी वास-आग्नेय
गुरु तारा-उदित  
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-धनु
व्रत/मुहूर्त-षट्तिला एकादशी व्रत (सर्वे.)
यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
आज का उपाय-किसी विप्र को लाल वस्त्र एवं लाल फल भेंट करें।
वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

07 फरवरी 2024, बुधवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2080, शक संवत्-1945, हिजरी सन्-1444, ईस्वी सन्-2023
संवत्सर नाम-पिंगल
अयन-उत्तरायण
मास-माघ
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-शिशिर
वार-बुधवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-द्वादशी
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-पूर्वाषाढ़ा
योग (सूर्योदयकालीन)-वज्र
करण (सूर्योदयकालीन)-तैतिल
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मकर
शुभ समय- 6:00 से 9:11, 5:00 से 6:30 तक
राहुकाल- दोप. 12:00 से 1:30 बजे तक
दिशा शूल-ईशान
योगिनी वास-नैऋत्य
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-धनु
व्रत/मुहूर्त-प्रदोष व्रत/मूल समाप्त
यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
आज का उपाय-शिव मंदिर में हरे फल चढ़ाएं।
वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

08 फरवरी 2024, गुरुवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2080, शक संवत्-1945, हिजरी सन्-1444, ईस्वी सन्-2023
संवत्सर नाम-पिंगल
अयन-उत्तरायण
मास-माघ
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-शिशिर
वार-गुरुवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-त्रयोदशी
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-उत्तराषाढ़ा
योग (सूर्योदयकालीन)-सिद्ध
करण (सूर्योदयकालीन)-वणिज
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मकर
शुभ समय- 6:00 से 7:30, 12:20 से 3:30, 5:00 से 6:30 तक
राहुकाल-दोप. 1:30 से 3:00 बजे तक
दिशा शूल-आग्नेय  
योगिनी वास-दक्षिण
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-मकर
व्रत/मुहूर्त-भद्रा/मास शिवरात्रि
यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
आज का उपाय-विष्णु मंदिर में केसर चढ़ाएं।
वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

09 फरवरी 2024, शुक्रवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2080, शक संवत्-1945, हिजरी सन्-1444, ईस्वी सन्-2023
संवत्सर नाम-पिंगल
अयन-उत्तरायण
मास-माघ
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-शिशिर
वार-शुक्रवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-चतुर्दशी/अमावस्या (क्षय)
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-श्रवण
योग (सूर्योदयकालीन)-व्यतिपात
करण (सूर्योदयकालीन)-बव
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मकर
शुभ समय- 7:30 से 10:45, 12:20 से 2:00 तक
राहुकाल-प्रात: 10:30 से 12:00 बजे तक
दिशा शूल-वायव्य 
योगिनी वास-पश्चिम
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-मकर
व्रत/मुहूर्त-देवपितृकार्य अमावस्या/सर्वार्थसिद्धि योग
यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में सवा किलो बताशे चढ़ाएं।
वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

10 फरवरी 2024, शनिवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2080, शक संवत्-1945, हिजरी सन्-1444, ईस्वी सन्-2023
संवत्सर नाम-पिंगल
अयन-उत्तरायण
मास-माघ 
पक्ष-शुक्ल
ऋतु-शिशिर
वार-शनिवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-प्रतिपदा
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-धनिष्ठा
योग (सूर्योदयकालीन)-वरियान
करण (सूर्योदयकालीन)-किंस्तुघ्न
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मकर 
शुभ समय-7:30 से 10:45, 12:20 से 2:00 
राहुकाल-प्रात: 10:30 से 12:00 बजे तक
दिशा शूल-वायव्य 
योगिनी वास-पूर्व
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-कुम्भ
व्रत/मुहूर्त-गुप्त नवरात्रि प्रारंभ/पंचक प्रारंभ/बुधास्त/द्विपुष्कर योग
यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
आज का उपाय-देवी मंदिर में तिल का तेल दान करें।
वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

11 फरवरी 2024, रविवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2080, शक संवत्-1945, हिजरी सन्-1444, ईस्वी सन्-2023
संवत्सर नाम-पिंगल
अयन-उत्तरायण
मास-माघ
पक्ष-शुक्ल
ऋतु-शिशिर
वार-रविवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-द्वितीया
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-शतभिषा
योग (सूर्योदयकालीन)-परिघ
करण (सूर्योदयकालीन)-बालव
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मकर
शुभ समय-9:11 से 12:21, 1:56 से 3:32 
राहुकाल- सायं 4:30 से 6:00 बजे तक
दिशा शूल-पश्चिम 
योगिनी वास-उत्तर
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-कुम्भ
व्रत/मुहूर्त-चंद्रदर्शन/शुक्र गोचर
यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
आज का उपाय-आज सूर्यास्त से पूर्व बिना नमक का भोजन करें।
वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
 
(निवेदन-उपर्युक्त विवरण पंचांग आधारित है पंचांग भेद होने पर तिथि/मुहूर्त/समय में परिवर्तन होना संभव है।)
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: [email protected]

ALSO READ: मंगल, बुध और शुक्र की युति से 3 राशियों के बदल जाएंगे दिन

ALSO READ: षटतिला एकादशी की पूजा विधि और पारण का समय

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी