1. मिथुन राशि: मिथुन राशि वाले जातकों के लिए राहु का गोचर नवम भाव में होगा। नवम भाव को धर्म का भाव अथवा भाग्य का भाव भी कहा जाता है, भाग्य के भाव में राहु के होने से व्यक्ति के भाग्य में कई तरह की रुकावट, परेशानी आ सकती हैं। राहु की दृष्टि तृतीय स्थान पर होने से भाई बहनों के साथ में विवाद हो सकता है तथा संपत्ति को लेकर बंटवारे तक की नौबत आ सकती है। राहु के प्रभाव से धार्मिक यात्रा हो सकती है तथा राहु की नवम दृष्टि पंचम भाव पर होने की वजह से संतान से मतभेद या संतान की चिंता हो सकती है, मिथुन राशि वालों के लिए राहु का गोचर अच्छा नहीं रहेगा।
2. सिंह राशि: सिंह राशि वाले जातकों के लिए राहु का गोचर सप्तम भाव में होगा, सप्तम भाव में राहु के प्रभाव से इन राशि वालों का अपने जीवनसाथी के साथ में मतभेद तथा तनाव हो सकता है। सिंह राशि वालों के दांपत्य जीवन में करें कई तरह की परेशानियां आ सकती है। इन राशि वालों को साझेदारी से सावधान रहना चाहिए अन्यथा नुकसान हो सकता है। राहु की दृष्टि लग्न स्थान पर होने की वजह से मानसिक अशांति बढ़ेगी तथा स्वास्थ्य में हानि हो सकती है।
3. मीन राशि: मीन राशि वालों के लिए राहु का गोचर द्वादश भाव में होगा, राहु के गोचर की वजह से इन राशि वालों के विदेश यात्रा की योग बनेंगे तथा फिजूल खर्ची भी बढ़ेगी, लेकिन इन राशि वालों का शत्रु पक्ष सदैव निर्बल रहेगा तथा इन राशि वालों को कर्ज से मुक्ति मिलेगी। इन राशि वालों के लिए राहु की दृष्टि चतुर्थ भाव पर होगी, जिस कारण इनकी माता का स्वास्थ्य खराब हो सकता है तथा मित्रों से भी धोखा प्राप्त हो सकता है।