रवीना टंडन राजनीति में क्यों नहीं आना चाहतीं?

अभिनेत्री रवीना टंडन का कहना है कि उनके अंदर हमेशा ‘‘मुखर कार्यकर्ता जैसी प्रवृत्ति’’ रही है, लेकिन राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं है।
 
अभिनेत्री ने कहा, ‘‘मैं उस तरह की व्यक्ति हूं जो किसी पार्टी लाइन से नहीं जुड़ सकती और मुझे कमोबेश सभी राजनीतिक पार्टियों से समस्या है। ऐसी कोई पार्टी नहीं है जिसकी विचारधारा मुझसे मिलती हो। ऐसे कुछ लोग हैं जिन पर मैं विश्वास करती हूं लेकिन मुझे एक आजाद आवाज बने रहना पसंद है।’’ 42 वर्षीय रवीना ने कहा है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी के शोर शराबे में गुम होने के बजाय अपना विचार रखना पसंद करेंगी।
 
रवीना ने बताया, ‘‘मैं किसी को यह नहीं बताने जा रही हूं कि मैं क्या कह सकती हूं या मुझे क्या कहना चाहिए या फिर मेरी संवेदनशीलता क्या है। अगर मेरी संवेदनशीलता यह कहती है कि कुछ गलत है, लेकिन पार्टी उस पर ‘वाह वाह’ करती है तो मैं यह नहीं कर सकती। इसलिए मैं किसी राजनीति में शामिल होने के बजाय अपनी आवाज बेधड़क कहने में यकीन रखती हूं।’’ 
 
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए रवीना कहती हैं ‘‘जी हां, ऐसे कुछ लोग हैं जिनके बारे में मैं सोचती हूं कि वे अच्छा काम कर रहे हैं जबकि उनके आसपास के लोग अच्छा काम उस तरह से नहीं कर सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं अमुक पार्टी का समर्थन कर रही हूं।’’ 
 
उन्होंने कहा, ‘‘आज अगर आप यह कहते हैं कि आपको अपने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पर गर्व है तो आपको ट्रोल किया जाएगा। जब हम यह कहते हैं कि इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं, तब हम गौरवान्वित होते हैं। लेकिन आज ऐसा कहना किसी प्रतिबंध के समान है। अगर मोदीजी या राहुल गांधी की प्रशंसा करते हैं तो लोग यही कहेंगे कि आप उनकी राजनीतिक समर्थक हैं।’’(भाषा) 

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