Easter Sunday 2026: ईस्टर संडे का महत्व, इतिहास और पौराणिक परंपराएं

WD Feature Desk

शनिवार, 4 अप्रैल 2026 (11:05 IST)
Christian Religious Festival Easter Sunday: ईस्टर संडे – ईसाई धर्म का प्रमुख पर्व है। ईस्टर का पर्व ईसाई धर्म में जीवन, आशा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य यीशु मसीह के मृत्यु पर विजय और जीवन में नए आरंभ का संदेश देना है। गुड फ्राइडे के शोक के बाद ईस्टर संडे ईसाई धर्म का सबसे बड़ा और खुशी का त्योहार है। जहां गुड फ्राइडे बलिदान का दिन है, वहीं ईस्टर जीत और नई शुरुआत का प्रतीक है।
 
1. ईस्टर संडे का महत्व: अंधकार पर प्रकाश की जीत
2. ईस्टर का इतिहास
3. पौराणिक और पारंपरिक रस्में
4. रोचक तथ्य
 

1. ईस्टर संडे का महत्व: अंधकार पर प्रकाश की जीत

ईसाई धर्मग्रंथों के अनुसार, गुड फ्राइडे को क्रूस पर चढ़ाए जाने के तीसरे दिन, यानी रविवार को, ईसा मसीह अपनी कब्र से पुनर्जीवित (Resurrected) हो गए थे।
 
मृत्यु पर विजय: यह दिन साबित करता है कि मृत्यु अंत नहीं है, और ईसा मसीह ने मृत्यु और पाप पर विजय प्राप्त की।
 
उम्मीद का प्रतीक: ईस्टर संदेश देता है कि चाहे रात कितनी भी गहरी हो, सुबह की रोशनी निश्चित है। यह दुनिया भर के ईसाइयों के लिए आशा और विश्वास का आधार है।
 

2. ईस्टर का इतिहास

ईस्टर का इतिहास बाइबिल की घटनाओं और प्राचीन कैलेंडर से जुड़ा है:
 
पुनरुत्थान: बाइबिल बताती है कि जब मैरी मैग्डलीन और अन्य महिलाएं रविवार की सुबह ईसा मसीह की कब्र पर गईं, तो उन्होंने देखा कि वहां से पत्थर हटा हुआ था और कब्र खाली थी। एक देवदूत ने उन्हें बताया कि मसीह जीवित हो गए हैं।
 
नाम की उत्पत्ति: माना जाता है कि 'Easter' शब्द पुरानी जर्मनिक देवी 'Eostre' (वसंत और उर्वरता की देवी) से आया है। वसंत के आगमन और ईसा मसीह के पुनर्जीवित होने का समय एक ही होने के कारण यह नाम जुड़ गया।
 
तारीख का निर्धारण: ईस्टर की तारीख हर साल बदलती है। यह हमेशा वसंत ऋतु के पहले 'पूर्णिमा' (Full Moon) के बाद आने वाले पहले रविवार को मनाया जाता है।

3. पौराणिक और पारंपरिक रस्में

ईस्टर की परंपराएं जितनी धार्मिक हैं, उतनी ही रोचक और रंगीन भी हैं:
 

अंडे और चूजे (Easter Eggs)

अंडा ईस्टर का सबसे प्रसिद्ध प्रतीक है।
 
अर्थ: जैसे अंडे के कठोर कवच को तोड़कर नया जीवन बाहर आता है, वैसे ही ईसा मसीह कब्र तोड़कर बाहर आए थे। अंडा 'पुनर्जन्म' का प्रतीक है।
 
परंपरा: लोग अंडों को चमकीले रंगों से सजाते हैं, बच्चों के लिए 'एग हंट' (Egg Hunt) प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, और आजकल चॉकलेट के अंडे देने का भी रिवाज है।
 

ईस्टर बनी (Easter Bunny)

खरगोश या बनी अपनी प्रजनन क्षमता के लिए जाने जाते हैं, जो वसंत ऋतु में नया जीवन और प्रचुरता का प्रतीक माने जाते हैं। लोककथाओं के अनुसार, ईस्टर बनी बच्चों के लिए रंगीन अंडे और उपहार लाता है।
 

लिलि का फूल (Easter Lily)

सफेद रंग के लिलि के फूल चर्चों में सजाए जाते हैं। यह ईसा मसीह की पवित्रता और निष्कलंकता का प्रतीक माना जाता है।
 

भोर की प्रार्थना (Sunrise Service)

कई ईसाई समुदायों में सूर्योदय के समय विशेष प्रार्थना सभाएं होती हैं। यह उस समय को दर्शाता है जब महिलाओं ने सुबह-सुबह खाली कब्र की खोज की थी।
 

उपवास का अंत (The Feast)

ईस्टर के साथ ही 40 दिनों के उपवास और तपस्या का समय (जिसे 'लेंट' कहा जाता है) समाप्त होता है। इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, चर्च में विशेष 'एलुइया' (Alleluia) के गीत गाते हैं और परिवार के साथ शानदार दावत का आनंद लेते हैं।
 

एक रोचक तथ्य: ईस्टर के दिन एक-दूसरे को 'Christ is Risen' (मसीह जी उठे हैं) कहकर अभिवादन किया जाता है, जिसके जवाब में दूसरा व्यक्ति कहता है- 'He is risen indeed' (वाकई, वे जी उठे हैं)।

 
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