चीन में 20 दिन में 24 करोड़ से ज्यादा कोरोना संक्रमित, 91 देशों में BF.7 की दस्तक, भारत अलर्ट

रविवार, 25 दिसंबर 2022 (10:28 IST)
दुनियाभर में कोरोनावायरस का सब वैरिएंट BF.7 का कहर तेजी से फैलता दिखाई दे रहा है। चीन में कोरोना की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। कोरोना विस्फोट की वजह से अस्पतालों के बाहर मरीजों की कतारे लगी हुई है। मुर्दाघर शवों से भरे पड़े हैं। चीन में 20 दिन में कोरोना संक्रमण के 24 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आए हैं और सरकार ने अब प्रभावित लोगों की मदद के लिए इंटरनेट अस्पताल खोलने की अनुमति दे दी है, ताकि चिकित्सा केंद्रों पर भार कम हो सके। चीन के बाद सबसे ज्यादा मामले जापान में आ रहे हैं। भारत समेत दुनिया के 91 देशों में यह खतरनाक वायरस फैल चुका है।
 
क्या है चीन का हाल : हांगकांग से प्रकाशित अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने खबर दी कि चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के एक लीक हुए दस्तावेज के अनुसार एक दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच 24 करोड़ 80 लाख लोग यानी करीब 17.56 प्रतिशत आबादी कोविड से प्रभावित हुई।
 
चीन द्वारा इस महीने की शुरुआत में शून्य कोविड नीति में एकदम ढील दिए जाने के बाद देश में संक्रमण के मामलों में जबर्दस्त वृद्धि हुई है। 2 चीनी शहरों में स्वास्थ्य अधिकारी हर दिन लाखों मामलों की सूचना दे रहे हैं। शहर के स्वास्थ्य आयोग के प्रमुख बो ताओ के अनुसार, पूर्वी प्रांत शेडोंग के छिंगदाओ शहर में हर दिन लगभग 4,90,000-5,30,000 लोग संक्रमित हो रहे हैं। दक्षिणी प्रांत ग्वांगडोंग के डोंगगुआन में शहर के स्वास्थ्य आयोग ने शुक्रवार को कहा कि हर दिन 2,50,000 से 300,000 लोग संक्रमित हो रहे हैं।
 
इन देशों में भी तेजी से बढ़ रहा है कोरोना : मीडिया खबरों के अनुसार, चीन के बाद कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले जापान में आ रहे हैं। दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड में स्थिति बदतर दिखाई दे रही है। यूरोप, अमेरिका और ब्राजील में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।
 
भारत में BF.7 के 4 मरीज : भारत में BF.7 वायरस की दस्तक हो चुकी है। देश में इसके 4 मरीज मिल चुके हैं। ये मामले जुलाई से अक्टूबर के बीच सामने आए थे। इन मरीजों में कोरोना के माइल्ड लक्षण ही पाए गए है और संक्रमित व्यक्ति जल्दी ही स्वस्थ हो गए। सरकार ने दुनिया में तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। हवाई अड्डों पर विदेश से आने वाले यात्रियों की रैंडम सैंपलिंग शुरू कर दी गई है। चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड से आने वाले यात्रियों के लिए RT PCR रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है।

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अस्पतालों में मॉक ड्रील : 27 दिसंबर को देशभर में अस्पतालों में कोरोनावायरस के निपटने की तैयारियों मॉक ड्रिल होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से लिखी गई चिट्ठी में कहा गया है मॉक ड्रिल के दौरान यह देखा जाए कि कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों में व हेल्थ फैसिलिटी में किस तरह की व्यवस्था है। अगर कोरोनावायरस के मामले बढ़ते हैं तो उससे निपटने के लिए अस्पताल और हेल्थ फैसिलिटी कितने तैयार हैं?

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क्या है भारत के लिए राहत की बात : बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में आनुवंशिकी (जैनेटिक्स) के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने ‘वेबदुनिया’ से बातचीत में कहा कि भारत में बड़ी आबादी में कोविड के खिलाफ प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है। भारत की बड़ी जनसंख्या में नेचुरल इंफेक्शन हो चुका है, अब हमारे शरीर में मौजूद टी-सेल (मेमोरी सेल) को पता है कि वायरस हमारे लिए खतरनाक है, ऐसे में हमको जैसे ही इंफेक्शन होगा तो शरीर में एंटीबॉडी उसको निष्क्रिय कर देगी।
 
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्था (ICMR) के महामारी विज्ञान और संक्रामक रोग विभाग के पूर्व प्रमुख डॉक्टर रमन गंगाखेडकर कहते हैं कि भारत में कोरोना के केस में कम संख्या में रिपोर्ट होने का बड़ा कारण भारत में कोरोना वायरस को लेकर हर्ड इम्युनिटी की स्टेज का होना है। मौजूदा समय में भारत हर्ड इम्युनिटी की स्टेज में हैं और यहीं कारण है कि भारत में मौजूदा समय कोरोना के केसों में कमी देखी जा रही है।

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