Live : किसान नेता बोले- 'मन की बात' के दौरान थाली बजाएं सभी लोग, 25 से 27 दिसंबर तक टोल वसूली को रोकेंगे

रविवार, 20 दिसंबर 2020 (19:00 IST)
नई दिल्ली। 3 कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर 25 दिन से डटे किसान आज प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि देंगे। किसान आंदोलन से जुड़ी हर जानकारी...  


07:03 PM, 20th Dec
- स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेन्द्र यादव ने कहा- केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ सभी विरोध प्रदर्शन स्थलों पर किसान सोमवार को एक दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे।
 
- किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाएंगे, लोगों से एक दिन के लिए दोपहर का भोजन नहीं पकाने का अनुरोध है।
 
- किसान नेता जगजीत सिंह दलेवाला ने कहा कि किसान हरियाणा में राजमार्गों पर 25 दिसंबर से 27 दिसम्बर तक टोल वसूली को रोकेंगे।

- किसानों ने सभी से अपील की है कि वे 27 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान अपने-अपने घरों में थाली बजाएं।

03:36 PM, 20th Dec
-उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने किसान आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी सरकार की झूठ और फरेब की राजनीति का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई तब तक लड़ती रहेगी जब तक नया कृषि कानून वापस नहीं हो जाता।
-बरेली में प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष ने दावा किया कि मोदी की बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता है क्‍योंकि वह अब तक किये अपने एक भी वादे को पूरा नहीं कर सके हैं।
-उन्‍होंने आरोप लगाया कि दो करोड़ बेरोज़गार नौजवानों को नौकरी देने और 15 लाख रुपये प्रत्येक व्यक्ति के खाते में आने जैसे सब्जबाग दिखा कर सत्ता हासिल करने वालों ने जनता को गुमराह करने के सिवा आज तक और कुछ नहीं किया।
-उन्होंने कहा कि किसान अपनी जायज मांगों और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और उनके आंदोलन को हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है। लल्‍लू ने कहा कि मोदी के पास उद्योगपतियों से मिलने का समय है मगर किसानों के लिए नहीं है।
 

03:06 PM, 20th Dec
-शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन पर चर्चा से बचने के लिये संसद का शीतकालीन सत्र रद्द किया गया है।


01:32 PM, 20th Dec
- किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर रविवार को श्रद्धांजलि दी गई।
-हापुड़ के सिंभावली में भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि दी।


01:17 PM, 20th Dec
-कृषि कानूनों के खिलाफ चिल्ला बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर सुरक्षा बल तैनात है।

11:07 AM, 20th Dec
-कोविड 19 और ठंड को देखते हुए किसानों के इलाज के लिए पंजाब के विभिन्‍न अस्‍पतालों से डॉक्‍टर और नर्स भी सिंघु बॉर्डर पर पहुंच गए हैं।

09:32 AM, 20th Dec
-गाजीपुर बॉर्डर पर 23वें दिन भी किसानों के प्रदर्शन जारी
 -किसान नेता मांगेराम त्यागी ने कहा कि आज हम सभी आंदोलन ने दौरान मारे गए नेताओं को श्रद्धांजलि देंगे।


07:57 AM, 20th Dec
-ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) ने दावा किया कि 26 नवंबर से जारी विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले 33 किसानों की मौत दुर्घटनाओं, बीमारी और ठंड के मौसम की वजह से हुई है।
-आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में 'श्रद्धांजलि दिवस' मनाया जाएगा।

07:57 AM, 20th Dec
-3 कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान यूनियनों ने कहा कि वे अपना अगला कदम अगले 2-3 दिनों में तय करेंगे। 
-किसान नेता शिवकुमार कक्का ने कहा कि रणनीति तय करने के लिए यूनियनों के बीच वर्तमान में चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले पर कानूनी राय भी ले रहे हैं।
-एक अन्य नेता बलबीर सिंह ने कहा कि किसान तब तक अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे, जब तक कि उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा कि हम एक लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं। हम अपने अधिकारों के लिए यहां हैं।

07:56 AM, 20th Dec
-अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर कहा कि वर्तमान में चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन किसी भी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं।
-मोदी और तोमर को हिंदी में अलग-अलग लिखे गए पत्रों में समिति ने कहा कि सरकार की यह गलतफहमी है कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को विपक्षी दलों द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है।
-किसान संगठन की तरफ से ये पत्र तब लिखे गए जब एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर किसानों को तीन कृषि कानूनों को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया था।
-समिति उन लगभग 40 किसान संगठनों में से एक है, जो पिछले 23 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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