58 दिनों बाद खुला चिल्ला बॉर्डर, घर लौटे बीकेयू (भानू) से जुड़े किसान

गुरुवार, 28 जनवरी 2021 (07:26 IST)
नोएडा। नए कृषि कानूनों को लेकर करीब 2 माह से चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने बुधवार से अपना धरना वापस ले लिया। दिल्ली में मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसक घटना तथा राष्ट्र ध्वज के अपमान से आहत होकर भानु गुट ने धरना वापस लिया है।
 
नोएडा यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बीकेयू (भानु) के विरोध वापस लेने के साथ ही चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली-नोएडा मार्ग 58 दिनों के बाद यातायात के लिए फिर से खुल गया।
 
उल्लेखनीय है कि भारतीय किसान यूनियन (भानू) नए कृषि कानूनों के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहा था। इस धरने की वजह से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता करीब 58 दिनों से बंद था।
 
भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के दौरान जिस तरह से दिल्ली में पुलिस के जवानों के ऊपर हिंसक हमला हुआ तथा कानून व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ाई गई, इससे वे काफी आहत हैं। जिस तरह से लालकिले पर एक धर्म विशेष का झंडा फहराया गया, उससे भी वह दुखी हैं।
 
ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा कि भारत का झंडा तिरंगा है तथा वह तिरंगे का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को हुए घटनाक्रम से वह काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि 58 दिनों से जारी चिल्ला बॉर्डर का धरना वह खत्म कर रहे हैं।
 

Police barricading being removed from Chilla Border.

Thakur Bhanu Pratap Singh, president of Bharatiya Kisan Union (Bhanu) who was protesting at Chilla border against #FarmLaws announced that they're ending the protest in wake of violence during farmers' tractor rally y'day. pic.twitter.com/wz24WPayZI

— ANI UP (@ANINewsUP) January 27, 2021
अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह ने बताया कि किसानों ने स्वतः धरना खत्म करने का निर्णय लिया है। किसानों के धरना स्थल छोड़ते ही वहां पर लगे टेंट आदि को हटाकर यातायात को पुनः सुचारु रुप से चालू कर दिया गया।

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