International Day of Biodiversity: क्यों मनाया जाता है? क्या है 2023 थीम

International Day of Biodiversity 2023
स्कूल में हमने साइंस के चैप्टर में कई बार बायोडायवर्सिटी(biodiversity) के बारे में पढ़ा है। बायोडायवर्सिटी, पर्यावरण के लिए ज़रूरी नहीं है बल्कि ये पर्यावरण का ही हिस्सा है जिसके बिना पर्यावरण संतुलित रूप से चलना मुश्किल है। बायोडायवर्सिटी का कॉन्सेप्ट बिलकुल पजल की तरह है। इसके ज़रिए हम पानी, एनर्जी, फ़ूड और मेडिसिन का उपयोग करते हैं।

आपको बता दें कि 3 मिलियन लोगों को मछली 20% एनिमल प्रोटीन प्रदान करती है। साथ ही 80% लोग जो गांव में रहते है वो प्लांट-बेस्ड मेडिसिन पर ही निर्भर हैं। साथ ही आपको ये जानकर हैरानी होगी कि तीन-चौथाई लैंड-बेस्ड पर्यावरण और 66% वॉटर-बेस्ड पर्यावरण मानव द्वारा बदल दिया गया है। इसी कारण से आज हम क्लाइमेट चेंज जैसी गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। इन्हीं गंभीरता को देखते हुए यूनाइटेड नेशन द्वारा हर साल इंटरनेशनल डे ऑफ़ बायोडायवर्सिटी (International Day of Biodiversity)  मनाया जाता है। चलिए जानते हैं इस दिवस से जुड़ी पूरी जानकारी के बारे में।

क्या है इंटरनेशनल डे ऑफ़ बायोडायवर्सिटी 2023 की थीम?


क्या है इंटरनेशनल डे ऑफ़ बायोडायवर्सिटी का इतिहास?
हर साल ये दिवस बायोडायवर्सिटी के महत्व और उसके संरक्षण के लिए मनाया जाता है। इस दिवस का प्रस्ताव यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली (United Nation General Assembly) की दूसरी समिति द्वारा 29 दिसंबर 1993 को दिया गया था। इसके बाद 2000 में यूनाइटेड नेशन द्वारा हर साल 22 मई को इंटरनेशनल डे ऑफ़ बायोडायवर्सिटी मनाने का निर्णय लिया गया। इस तारीख को इसलिए बदला गया क्योंकि 29 दिसंबर को वेकेशन टाइम होता है और छुट्टियों के कारण ये दिवस को प्राथमिकता नहीं दी जाती।

क्या हैं पिछले साल की इंटरनेशनल डे ऑफ़ बायोडायवर्सिटी की थीम?
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