नववर्ष पर कविता : नूतन वर्षाभिनंदन

-श्रीकांत साकल्ले, खंडवा 
" षोडश " सयाना साल-सा अतीत ,
चुनौतियों से जूझता हुआ व्यतीत ।
अनुभवों की अनुभूतियों का गीत , 
" सप्तदश " मधुमय मधुर संगीत।।

 
साभिवादन मंगलकामनाएँ ~ बधाई 2017 

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