अश्विन ने सिलसिलेवार ट्वीट करके साफ तौर पर कहा कि अगर दोबारा गेंद बल्लेबाज से टकराकर जायेगी तो वह फिर रन लेंगे।उन्होंने कहा , मैने फील्डर का थ्रो देखा और रन भागना चाहा। उस समय मैने नहीं देखा था कि गेंद ऋषभ को लगी है। यदि देखा होता तो भी भागता क्योंकि नियमों में यह मान्य है। मोर्गन के अनुसार मैने नियमों का पालन नहीं किया लेकिन यह गलत है।
उन्होंने कहा ,मैने लड़ाई नहीं की बल्कि अपना बचाव किया। मेरे शिक्षकों और माता पिता ने मुझे यही सिखाया है और अपने बच्चों को भी आप खुद के लिये खड़े होना सिखाइये।
उन्होंने कहा , मोर्गन और साउदी अपने अनुसार नियम बनाते हैं कि क्या सही है और क्या गलत। उन्हें दूसरों को नैतिकता का पाठ पढाने और अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल का हक नहीं है।
अश्विन ने कहा , मैं इससे ज्यादा हैरान इस बात से हूं कि लोग इस पर बहस कर रहे हैं और यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि कौन अच्छा है और कौन बुरा । मैं सिर्फ इतना समझता हूं कि मैदान पर अपना सब कुछ दे दो और नियमों के भीतर खेलो । इसके बाद खेल खत्म होने पर हाथ मिला लो और यही खेलभावना मेरी समझ में आती है ।
इस वाक्ये के बाद रविचंद्रन अश्विन से कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान इयॉन मॉर्गन की दिल्ली की पारी के आखिरी ओवर में बहस हुई। जब कोलकाता के लिए डेब्यू करने वाले टिम साउदी ने अंतिम ओवर की पहली गेंद पर रविचंद्रन अश्विन का विकेट ले लिया था।अश्विन के आउट होने पर तेज गेंदबाज साउदी ने कहा , बेईमानी करने पर यही होता है।
रविचंद्रन अश्विन ने कमाल तब दिखाया जब इयॉन मॉर्गन बल्लेबाजी करने के लिए आए। अश्विन ने कोलकाता के कप्तान को 0 के स्कोर पर स्लिप्स में तैनात ललित यादव के हाथो कैच आउट करवा दिया।