Hanuman Jayanti tips: हनुमान जी, जिन्हें बजरंगबली और संकटमोचन भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म में शक्तिशाली और भक्तों के कष्टों को दूर करने वाले देवता माने जाते हैं। हनुमान जयंती हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस बार 2 अप्रैल 2026 हनुमान जयंती मनाई जा रही है। यह दिन केवल जन्मोत्सव नहीं बल्कि भक्ति, शक्ति और मानसिक शक्ति का प्रतीक भी है।ALSO READ: हनुमान जयंती 2026: इस दिन ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, उपाय से दूर होंगे शनि-मंगल के सभी कष्ट
हनुमान जी को भक्त संकटों और परेशानियों से मुक्ति दिलाने वाले देवता के रूप में पूजते हैं। माना जाता है कि हनुमान जी की भक्ति और उनके गुप्त उपायों से जीवन में आने वाली बाधाओं, डर, रोग और मानसिक तनाव दूर होते हैं। अगर आप हनुमान जयंती के दिन सही उपाय और पूजा विधि अपनाते हैं, तो यह आपके जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति ला सकता है।
1. मिट्टी के दीपक और 'सिंदूरी' लौंग का उपाय
2. नारियल और लाल कपड़े का 'संकल्प' उपाय
3. पीपल के पत्तों पर 'राम-नाम' की गुप्त सेवा
4. सफलता के लिए विशेष नियम
इन उपायों को करते समय गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है, यानी इनके बारे में किसी को पहले से न बताएं...
यह उपाय उन लोगों के लिए है जिनके काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं या जिन्हें नजर दोष की समस्या रहती है।
विधि: हनुमान जयंती की शाम को एक मिट्टी का दीपक लें। उसमें सरसों का तेल भरें और दो साबुत लौंग (फूल वाली) डालें। इन लौंग पर थोड़ा सा हनुमान जी के चरणों का सिंदूर लगा दें। अब इस दीपक को हनुमान जी के मंदिर के किसी कोने में या घर के मुख्य द्वार पर जलाएं। दीपक जलाते समय 'ॐ हं हनुमते नमः' का 11 बार जप करें।
लाभ: यह गुप्त दीपक आपकी राह की सभी अदृश्य बाधाओं को जलाकर भस्म कर देता है।
यदि आप भारी आर्थिक तंगी या किसी कानूनी विवाद में फंसे हैं, तो यह उपाय आपके लिए 'रामबाण' सिद्ध हो सकता है।
विधि: एक जटा वाला नारियल लें और उसे एक सवा मीटर लाल सूती कपड़े में लपेट लें। अब उस पर लाल कलावा/ मौली से 7 बार गांठ बांधें। फिर मंदिर जाकर हनुमान जी के चरणों में इसे रख दें और अपनी मनोकामना मन ही मन कहें। ध्यान रहे, इस दौरान कोई आपको टोके नहीं। इसके बाद मंदिर से सीधे घर आएं, पीछे मुड़कर न देखें।
हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल और गुप्त तरीका है उनके प्रभु श्री राम की स्तुति करना।
विधि: हनुमान जयंती के दिन सूर्योदय के समय 11 पीपल के पत्ते तोड़ें, देख लें कि पत्ते कटे-फटे न हों)। इन्हें गंगाजल से धोकर सुखा लें। अब अष्टगंध या कुमकुम से हर पत्ते पर 'राम' लिखें। इन पत्तों को किसी भी हनुमान मंदिर में जाकर चुपचाप हनुमान जी की प्रतिमा के पीछे या चरणों में अर्पित कर दें।
लाभ: प्रभु श्री राम का नाम देखकर हनुमान जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्त के बड़े से बड़े कष्ट को क्षण भर में हर लेते हैं।
- ब्रह्मचर्य: इन उपायों को करने से 24 घंटे पहले और बाद तक पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- मौन साधना: उपाय करते समय कम से कम बोलें और मन में हनुमान जी का ध्यान रखें।
- शुद्धता: स्नान के बाद साफ या नए लाल/पीले वस्त्र पहनकर ही पूजा शुरू करें।
श्री बजरंगबली आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे।
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